नदी किनारे बसे लोगों को सताने लगी है बाढ़ की आशंका, विभाग मौन
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। भागलपुर -मईल मार्ग और पांच स्पर बंधे बाढ़ के समय दो दर्जन से अधिक गांवों की सुरक्षा करते हैं। मानसून की पहली बारिश ने ही सरकारी सिस्टम की पोल खोल दी है। बंधों पर मई और जून महीने में जंगली जानवर साही के बने होल की मरम्मत नहीं होने से पहली बारिश में ही होल फैल गए हैं। इससे बाढ़ के समय तबाही की आशंका है। इसका भय नदी किनारे बसे लोगों को सताने लगा है। जबकि बाढ़ विभाग मौन है।
शासन की तरफ से हर साल 15 मई से 15 जून तक बांधों की मरम्मत के लिए धन मुक्त कर आदेश दिया जाता है कि समय से पहले बंधे की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाए। भागलपुर-मईल मार्ग और पांच स्पर बंधे बाढ़ आने पर भागलपुर ब्लॉक के सैकड़ों गांवों की सुरक्षा करते हैं, लेकिन बाढ़ विभाग से बंधों की मरम्मत नहीं होने से सौ-सौ मीटर पर बारिश के पानी से बड़े-बड़े होल बन चुके हैं। जिसे लेकर बंधे किनारे बसे गांव भागलपुर, देवसिया छित्तूपुर, नरियांव, सरया आदि गांव के अजय कुशवाहा, दिलीप, बलराम सिंह दादा, नाथू यादव, हीरा गोंड आदि का कहना है कि पिछले साल आई बाढ़ के समय देवसिया और छित्तूपुर गांव के बीच बंधे में रिसाव होने लगा था। रात में जागकर बंधे की निगरानी की गई थी। रिसाव को ग्रामीणों के सहयोग से रात के अंधेरे में बंद किया गया था। बंधे पर बने होल बंद नहीं किए गए तो बाढ़ में बंधा कटने से दर्जनों से अधिक गांवों में तबाही मच सकती है। बाढ़ विभाग के अपर अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि बंधों पर मरम्मत का कार्य चल रहा है, जल्द ही भागलपुर में बंधे पर बने होल को बंद कराया जाएगा।