बंद मकानों में चोरी के छह आरोपियों के साथ आभूषण विक्रेता भी गिरफ्तार
देवरिया। बंद मकानों में चोरी वारदात कर चुनौती देने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर उनसे चोरी के 31 लाख 50 हजार रुपये के जेवर व नकदी बरामद की गई है। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने टीम को 25 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है। गिरोह ने शहर के आधा दर्जन से अधिक चोरी की वारदात की है। चोरों से सस्ते दाम पर आभूषण खरीदने वाले दुकानदार को भी पकड़ा गया है। आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया कि सुबह कोतवाल राजू सिंह और एसएसआई विपिन मलिक ने गश्त के दौरान पुरवा चौराहे से हाटा रोड के पास से तीन बालअपचारी समेत सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वे बंद मकान में चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य निकले। इनकी पहचान अक्षय उर्फ रक्षा निवासी कोतवाली रोड स्थित झुग्गी झोपड़ी, सुनील यादव निवासी पिपरामदनगोपाल थाना रामपुर कारखाना, किशन साहनी निवासी अंबेडकर नगर कोतवाली, गोल्डन कुमार सिंह निवासी-ठठेरी गली कोतवाली के रूप में हुई। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि बाल अपचारियों से दिन में शहर में जिन मकानों में ताले लगे होते थे उनकी रेकी कराई जाती थी। ताकि कोई शक न कर सके। इसके बाद सभी मिलकर मकान का ताला तोड़कर चोरी करते थे। रकम को आपस में बांट लेते थे और जेवरात को थोड़ा-थोड़ा कर के आभूषण के दुकानदार गोल्डन कुमार सिंह को बेच देते थे। इस गिरोह ने अभी कुछ दिन पहले शहर के अंबेडकर नगर में अलग-अलग जगहों पर, राघव नगर, शिवपुरम कॉलोनी, मुंसफ कॉलोनी, उमानगर, सोंदा गांव में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस ने इनके पास से 50 हजार रुपये, 31 लाख रुपये के जेवरात बरामद किया है। आरोपितों को गिरफ्तार करने वाली टीम में दरोगा अश्विनी कुमार सिंह, अनिल कुमार, सिपाही अवधेश कुमार यादव, दीपक सोनकर, बृजेश कन्नौजिया, अनिल कुमार थाना और विनय प्रताप यादव शामिल रहे।
पुलिस की नाक के नीचे रहते है यह चोर
देवरिया। शहर के ताला बंद मकानों में चोरी की वारदात करने वाले गिरोह के सदस्य कोतवाली से चंद कदम की दूरी पर रहते थे। झुग्गी झोपड़ी में गुजारा करने वाले आरोपियों पर पुलिस को कभी शक नहीं होता था। लेकिन इस घटना के खुलासे के बाद पुलिस भी सोचने को मजबूर हो गई है।
चंद रुपयों के लालच में नाबालिगों से कराते थे रेकी
देवरिया। इस गिरोह ने ताला बंद मकानों की रेकी कराने के लिए बालकों को रखा था। बदले में इन्हें दो-चार सौ रुपये देते थे। बालकों से रेकी कराने की वजह से किसी को शक नहीं होता था। इसमें शामिल तीन किशोरों के जिम्मे शहर की ताला बंद मकानों की दिन में रेकी करना था। इसके बाद रात में अन्य सदस्य चोरी करते थे।
शहर के कई दुकानदार खरीदते है चोरी का माल
देवरिया। एसपी ने बताया कि इस गिरोह के सदस्यों की साठगांठ पकड़े गए आभूषण के दुकानदार से थी। चोरी के जेवर खरीदने का काम करता था। इससे पहले भी कुछ दुकानदार चोरों का आभूषण खरीदते थे। सूत्रों ने बताया कि एक दुकानदार पर एक दशक पहले हमला हुआ था। इसमें चोरी के जेवर खरीदने को लेकर बकाया पैसा मांगने के विवाद में घटना हुई थी।