देवरिया। सोनूघाट के पास ट्रक से बरामद करीब 35 लाख रुपये की शराब के मामले में अब पुलिस की जांच बरामदगी से आगे बढ़कर देवरिया-बिहार नेटवर्क तक पहुंचाने की है।
पुलिस यह पता लगाएगी कि चंडीगढ़ निर्मित 310 पेटी शराब किससे खरीदी गई, ट्रक पर कहां लोड की गई और बिहार में किस व्यक्ति के पास या स्थान पर जानी थी। ट्रक मालिक की भूमिका के साथ शराब भेजने वाले सप्लायर और बिहार में इसे मंगाने वालों की कड़ी भी जांच के दायरे में आएगी।
कोतवाली पुलिस ने सोनूघाट के पास मंगलवार को चेकिंग के दौरान तिरपाल से ढके ट्रक की तलाशी ली थी। ट्रक में बोरियों के नीचे शराब की पेटियां छिपाई गई थीं। पुलिस के अनुसार, पकड़ी गई शराब की कीमत करीब 35 लाख रुपये है।
पुलिस ने मामले में बरहज थाना क्षेत्र के पैना निवासी तैय्यब और रुद्रपुर थाना क्षेत्र के अहलादपुर मर्करी निवासी सुशील सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कॉल डिटेल से यह पता लगाया जाएगा कि शराब की खेप रवाना होने से पहले और रास्ते में दोनों किसके संपर्क में थे।
जांच का सबसे अहम बिंदु शराब का स्रोत है। पेटियों और बोतलों पर दर्ज बारकोड, बैच नंबर तथा अन्य विवरण का मिलान कर शराब बनाने वाली फैक्टरी तक पहुंचा जा सकता है। इसके बाद रिकॉर्ड से यह पता लगाया जा सकता है कि फैक्टरी से यह खेप किस अधिकृत वितरक या दुकान के लिए भेजी गई थी।
साथ ही, ट्रक के पंजीकरण से मालिक की पहचान कर यह पता लगाया जाएगा कि वाहन तस्करी के लिए किसने उपलब्ध कराया और मालिक को माल के बारे में जानकारी थी या नहीं।
कोतवाली के इंस्पेक्टर शशि भूषण राय ने बताया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आ रहे हैं उनकी जांच की जा रही है।