श्रीप्रकाश शुक्ला के साथी राजन तिवारी ने बिहार विधानसभा सदस्य बनने के बाद कई बार जनपद की राजनीति में दमखम के साथ उतरने का प्लान बनाया था। इसमें यहां के कुछ बड़े लोगों ने सहयोग करने की हामी भी भर दी थी। 2017 में राजन तिवारी ने जब बसपा की सदस्यता ग्रहण की तो ब्राह्मण महासभा का प्रभारी बनाया गया था।
उसने विधान सभा चुनाव के दौरान बसपा से टिकट पर देवरिया सदर से चुनाव लड़ने की मंशा भी पाल रखी थी। उस समय सोनूघाट के पास हुई एक बड़ी जनसभा में राजन का काफिला देख कर लोग चकित हो गए। लोग कयास लगाने लगे थे कि बसपा से प्रत्याशी राजन को बनाया जा सकता है। सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो बसपा के बड़े नेताओं ने राजन को चुनाव लड़ने से मना कर दिया। इसलिए उसने कदम पीछे खींच लिया।
इस कारण दूसरे को टिकट मिल गया। इसके बाद माफिया ने बिहार की तरफ रुख कर लिया। एक बार उसने भाजपा की सदस्यता लखनऊ में ग्रहण की थी। इसमें जनपद से काफी संख्या में लोग लखनऊ गए थे। 2022 के चुनाव में एक बार फिर से उसके लोगों ने बरहज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए कहा। इसको लेकर राजन का देवरिया में चुनाव के समय आगमन भी हुआ था। लेकिन इस बार भी उसकी मंशा पर पानी फिर गया था।
एसपी संकल्प शर्मा ने कहा कि गोरखपुर की पुलिस जांच कर रही है। दोनों जिले की पुलिस समन्वय स्थापित कर काम कर रही है। जनपद से इनपुट जुटाया जा रहा है। जो लोग जुड़कर उसके साथ काम करते होंगे। अगर यह प्रकाश में आया तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई पुलिस करेगी। माफिया के नेटवर्क पर पुलिस की निगाह है।