पुलिस ने मुकदमा दर्ज न करने के नाम पर ले लिए 20 हजार
कोतवाली के तीन सिपाहियों का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने का मामला
वीडियों में सिपाही बोले- रुपये पहले दे दिए होते तो पहले हो गए होते बरी
सलेमपुर। कोतवाली के तीन सिपाहियों का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वाले युवक पर पुलिस ट्वीट को डिलीट करने के लिए दबाव बना रही है। पुलिस के दबाव से युवक और उसके परिजन सहमे हुए हैं।
नगर पंचायत के टीचर्स काॅलोनी के रहने वाले अनुभव मिश्र ने मुख्यमंत्री पोर्टल और उच्चाधिकारियों को वीडियो भेजकर लिखित शिकायत की है। इसमें उन्होंने बताया कि मोहल्ले की एक महिला ने मामूली मारपीट की तहरीर कोतवाली में दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस 20 मार्च को उसे उठा ले गई और रात भर कोतवाली के एक कमरे में बंद कर प्रताड़ित किया। सुबह उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज न करने की बात कहकर परिजनों से 20 हजार रुपये ले लिए। बाद में उसका शांतिभंग में चालान कर दिया गया। एसडीएम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद मैं घर आ रहा था तो रास्ते में सिपाहियों ने रोक लिया और बोले कि यह रुपये पहले दे दिए होते तो तुम्हें शांतिभंग में भी नहीं भेजा जाता। इसका मेरे एक साथी ने वीडियो बना लिया, जिसे मैंने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर डाल दिया तो पुलिस नाराज होकर पोस्ट को उड़ाने के लिए मुझ पर दबाव बना रही है।
.....
कोट
वायरल वीडियो की जांच चल रही है, लेकिन सिपाहियों का चेहरा स्पष्ट नहीं हो रहा है। संबंधित व्यक्ति से बयान लिया जा रहा है। उनसे सिपाहियों की पहचान कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
देव आनंद, सीओ सलेमपुर