उरदौली गांव कोटे की दुकान के लिए हो रहे मतदान में जबरन वोट डालने को लेकर बवाल हो गया। पुलिस के सामने लोगों ने एक होमगार्ड की पिटाई की, जबकि मतदानकर्मी भाग खड़े हुए। पुलिस इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। घायल होमगार्ड का इलाज सीएचसी पर कराया गया।
उरदौली गांव की कोटे की दुकान अनियमितता के आरोप में बर्खास्त हो गई है। तीन बार चुनाव के लिए समय तय किया गया लेकिन मतदान नहीं हो सका। रविवार को कोटे की दुकान के लिए दिन में 12 बजे से मतदान शुरू हुआ। 3 बजे तक मतदान का समय था। तीन लोगों ने दावेदारी की थी। तय समय खत्म होने के बाद गांव के कुछ युवक मतदान केंद्र पर पहुंचे। एसआई जटाशंकर सिंह और होमगार्ड धर्मेन्द्र गुप्ता ने मतदान का समय खत्म होने की बात कहते हुए वोट डालने से रोक दिया। युवकों को यह बात नागवार गुजरी और पुलिस के सामने होमगार्ड को पीटने लगे। अफरा-तफरी मच गई। ब्लॉक से मतदान कराने के लिए पहुंचे प्रभारी एडीओ पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी महेश प्रसाद समेत अन्य कर्मचारी भाग खड़े हुए। सूचना पर पहुुंची कोतवाली पुलिस को देख उपद्रवी भाग खड़े हुए। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। मारपीट की वजह से मतगणना नहीं हो सका। कोतवाल रफीक अहमद ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की छानबीन की जा रही है।