कहा, कारसेवक तैयार करने की मिली थीे जिम्मेदारी
रुद्रपुर। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर रुद्रपुर के विधायक जयप्रकाश निषाद काफी उत्साहित हैं। मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले निषाद बताते हैं कि उनकी जिम्मेदारी कारसेवक बनाने की थी। इसका खामियाजा 35 दिन जेल में काट कर भुगतना पड़ा।
बकौल निषाद, अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्रतिमा स्थापित हाेने से जीवन सफल हो गया। उन्होंने बताया कि 1989 में मुझे कारसेवा उपाध्यक्ष बनाकर रुद्रपुर में गोपनीय ढंग से कारसेवकों का कारखाना चलाने की जिम्मेदारी दी गई। मिशन के तहत क्षेत्र में हजारों कारसेवक तैयार किए। एक स्वयं सेवक की डायरी पकड़ी गई। उसमें मेरा नाम लिखा था। तब तत्कालीन मुलायम सरकार की पुलिस गिरफ्तार कर बस्ती जेल ले गई। वहा कई दिनों तक तन्हाई में रखा गया। पूर्व विधायक स्वर्गीय दुर्गा मिश्र भी बस्ती जेल में बंद रहे।
जयप्रकाश बताते हैं कि जेल से छूटने के बाद जीवन का एक ही उद्देश्य अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनाना रहा। मंदिर आंदोलन में अपनी पूरी जिंदगी खपा देने वाले आज हजारों रामभक्त इस दुनिया में नही हैं। हम लोग भाग्यशाली हैं, जिन्हें प्रभु राम की अयोध्या में वापसी देखने को मिल रही है। रामलला को पुन: विराजमान होता देख लेने से यह जीवन धन्य हो रहा है।