अमित राजभर की मौत के बाद से फरार चल रहे गैरइरादतन हत्या के पांच आरोपितों को पुलिस ने सोमवार की सुबह मेहरौना बॉर्डर के पास से दबोच लिया। पूछताछ के दौरान सभी ने बताया कि वह बिहार भागने की फिराक में थे। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण और कोविड टेस्ट कराने के बाद सभी को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
लार थाना क्षेत्र के मठिया गांव निवासी अमित राजभर पुत्र प्रभुनाथ राजभर को बुधवार रात पड़ोस गांव के कुछ लोगों ने पिटाई कर गम्भीर रूप से घायल कर दिया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से गुस्साए ग्रामीणों ने रामजानकी मार्ग को जाम कर दिया। पुलिस ने मृत के भाई ओमप्रकाश राजभर की तहरीर पर आरोपितों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया। तभी से घटना में शामिल सभी आरोपी फरार चल रहे थे।
हालांकि पुलिस इनकी तलाश में छापा मार कर रही थी। सोमवार की सुबह पुलिस को सूचना मिली की पांच संदिग्ध युवक मेहरौना बार्डर के समीप खड़े हैं। वह बिहार भागने की फिराक में हैं। सूचना पर सक्रीय हुई पुलिस मेहरौना बार्डर पहुंची। जहां गैरइरादतन हत्या के आरोपी विक्की राजभर, अंकित उर्फ राजकुमार राजभर रेघरवां थाना लार, गौरव सिंह बभनौली क्षेत्रिय थाना लार, सुधांशु सिंह नेमा, रामू राजभर मठिया पुलिस को देखते ही भागने लगे। तभी पुलिस ने पीछा कर पकड़ लिया।
सभी ने बताया कि घटना की रात से ही वह इधर-उधर भाग रहे थे। सोमवार को वह बिहार जाने की फिराक में थे। एसओ नवीन चौधरी ने बताया कि गैरइरादतन हत्या के मामले में फरार चल रहे पांच आरोपितों को पकड़ न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
मारा था डराने के लिए, हो गई मौत
अमित राजभर की मौत के सभी आरोपी अक्सर मठिया गांव में रामू राजभर की दुकान पर आकर बैठते थे। गांव की महिलाओं को देख छींटाकसी करते थे। इसका विरोध कई बार ग्रामीण कर चुके थे। इस पर वह उलझ जाते थे। बुधवार को अमित राजभर ने गांव की महिलाओं के साथ आरोपितों द्वारा हो रहे अभद्र व्यवहार को देख विरोध किया। एक आरोपी कह रहा था कि रामू के कहने पर ही उस की पिटाई की गई, ताकि वह डर जाए। पर क्या पता उसकी मौत हो जाएगी। वहीं एक दूसरा आरोपी अपने द्वारा किए पर पश्चाताप कर रहा था।