नोट बदलने व जमा करने को लेकर लोगों में अफरा तफरी मची हुई है। इसी बीच नगर के दौ बैंकों का सर्वर फेल हो जाने से खाली हाथ वापस जाना पड़ा। लोगों में गुस्सा भी है। एचडीएफसी बैंक पर नोट बदलने के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी रही। वही कई लोग सड़क की पटरी पर बैठकर अपने बारी का इंतजार करते रहे। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है। अभी तक नगर की शाखाओं में नया नोट नही आ सका है।
एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद होने के बाद से बैंको पर नोट बदलने और जमा करने के लिए बैक शाखाओं पर रोज दिन लम्बी लाइन लग रही है। बैंक खुलने के साथ ही पीएनबी और यूनियन बैंक शाखा का सर्वर काम नही कर रहा था। बैंक कें अंदर फ र्श पर बैठकर सर्वर आने का इंतजार लोग कर रहे थे। देर शाम तक काम नही हुआ। अजय प्रताप सिंह, रविप्रताप सिंह, सुबास पाठक, मुन्ना लाल बरनवाल का कहना है कि लगन के महीने में अपना रुपये पाने के लिए लोगों के पसीने छूट जा रहे है। एक हजार पांच सौ के नोट बंद होने से इसका असर खुले बाजार पर भी दिख रहा है। फुटकर के अभाव में दुकानदार सामान नही दे रहे है। सड़क की पटरी पर लोगों को धूप में बैठना पड़ रहा है।
शाखा प्रबंधक के विरुद्ध दी तहरीर
भाटपाररानी। सरया स्थित बैंक के शाखा प्रबंधक पर एक ग्राहक ने अभद्रता का आरोप लगाया है। बेलही मठ निवासी कृष्णदेव सिंह का कहना है कि रविवार को बैंक में अपने खाते से 2000 रुपये निकालने गये थे। रुपए नहीं मिलने पर जब वे शाखा प्रबंधक के पास गए तो शाखा प्रबंधक ने उनके साथ अभद्रता का व्यवहार किया। उन्हें रुपये देने के बजाय अपने प्राइवेट आदमी से गले में हाथ लगवा कर बैंक से बाहर निकलवा दिया। शाखा प्रबंधक ने इस तरह की घटना से इंकार किया है।