एसडीएम के आदेश पर 36 वर्ष बाद दोबारा दर्ज हुआ पोखरी का नाम
गांव के प्रधान समेत कई लोगों ने उच्चाधिकारियों से की थी लिखित शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। ब्लॉक के अहिरौली गांव में पोखरी की भूमि को राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से जालसाजों ने ग्राम सभा की सार्वजनिक पोखरी को अपने नाम कराकर प्लाटिंग कर दी है। इसको लेकर गांव के प्रधान समेत कई लोगों ने उच्चाधिकारियों से लेकर एसडीएम न्यायालय में अपील की थी। ग्राम प्रधान की शिकायत पर एसडीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए जालसाजों का नाम खतौनी से खारिज कर पुन: पोखरी दर्ज कराने का आदेश जारी किया है। आदेश के बाद जमीन पर कब्जा करने वालों में खलबली मची है।
तहसील क्षेत्र के अहिरौली गांव में सलेमपुर मुख्य मार्ग पर सोनिया गांधी पार्क के पास 382 क 0.729 हे. व 382 ख 0.061 हे पोखरी की जमीन है। इस पोखरी पर 1 मई 1966 को जालसाजों ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से कब्जा दिखाकर अभिलेख में अपना नाम दर्ज कराकर इस पर कब्जा कर लिया। इसके बाद गांव के कुछ लोगों ने एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई।
इसी बीच गांव की प्रधान सीमा देवी ने एसडीएम को 28 जून 2022 को एक शिकायती पत्र देकर सार्वजनिक पोखरी से गलत तौर से अंकित नाम को निरस्त कर अतिक्रमण तत्काल हटवाने की मांग की। मामला को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम अरुण कुमार ने इसकी जांच तहसीलदार से कराई। तहसीलदार की आख्या को स्वीकार करते हुए 15 फरवरी को दोनों गाटा संख्या पर पोखरी का नाम अंकित करने का आदेश दिया। एसडीएम अरुण कुमार ने बताया कि गलत तरीके से पोखरी की भूमि को कुछ लोगों ने अपने नाम करा लिया था। जिसे निरस्त कर पुन पोखरी का नाम अंकित कर दिया गया है।