संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में बच्चों के इलाज में आसानी के लिए नया पीआईसीयू बना है। पांच माह पहले हैंडओवर भी हो चुका है। इसमें 42 बेड की सुविधा है। आईसीयू भी है, मगर ऑक्सीजन पैनल सहित कुछ उपकरण नहीं लगाए जा सके हैं। इस वजह से इसे शुरू नहीं किया जा सका है।
ऐसे में मरीजों के बढ़ने पर एक बेड पर दो-दो को भर्ती करना पड़ता है। बेड की कमी से कुछ लोगों को मजबूरी में प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ता है। अप्रैल से सितंबर माह में संचारी रोग का प्रकोप होता है। इस बीच गर्मी और बारिश में संक्रामक बीमारियां फैलती हैं।
अप्रैल से अगस्त माह तक संक्रमण से पीड़ित मरीजों के अधिक आने पर बेड कम पड़ जाते हैं। डॉक्टर और स्टाफ नर्स को इलाज करने में भी दिक्कत होती है।
इस समस्या के समाधान के लिए शासन ने बेड बढ़ाने के निर्देश दिए। पीआईसीयू में बेड की कमी को देखते हुए 42 बेड का नया पीआईसीयू बनाया गया है। कार्यदायी संस्था ने करीब 50 लाख रुपये से कार्य कराया है। दिसंबर 23 में निर्माण पूरा हो गया, मगर हैंडओवर में पेच फंस गया। उसे दूर करने के बाद दिसंबर 24 में हैंडओवर हुआ। इसके बाद उपकरण से संबंधित कुछ कार्य मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से कराया जाना है। आग से बचाव और बिजली से संबंधित कार्य शेष था, जो पूरा हो गया है, जबकि ऑक्सीजन से संबंधित कार्य पूरा नहीं हो सका है।
ऑक्सीजन के लिए पैनल व बिजली बैकअप का इंतजाम नहीं: पीआईसीयू में ऑक्सीजन सहित जीवन रक्षक उपकरण महत्वपूर्ण होते हैं। इसमें उपकरण की व्यवस्था है, मगर ऑक्सीजन और मेडिकल एयर की सुविधा नहीं है। ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए पैनल अब तक स्थापित नहीं किया जा सका है।