चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में परिवर्तन तथा भोज्य पदार्थ तथा सफाई पर ध्यान नहीं देने से बच्चे बीमार हो रहे हैं। इस समय वायरस, बैक्टीरिया, फंगस का संक्रमण बढ़ जाता है। वहीं मच्छरों का प्रकोप भी होता है। ऐसे में सावधानी बरतनी चाहिए।
ये बरतें सावधानी
- साफ-सफाई पर ध्यान दें।
- बच्चों को ताजा भोजन व शुद्ध पानी दें।
- छोटे बच्चे को छह माह तक मां का दूध दें।
- बोतल का प्रयोग न करें, कटोरी चम्मच से दूध पिलाएं।
- बच्चों को खाना खिलाते समय साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं।
- बाहर व सड़क किनारे खुले में बिकने वाले सामान खाने न दें।
- मौसमी फल का सेवन बच्चों को कराएं।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
चिकित्सा अधीक्षक व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एचके मिश्रा ने कहा कि मौसम में परिवर्तन का असर बच्चों पर पड़ रहा है। अस्पताल में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है। इस समय सतर्कता जरूरी है। साथ ही बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। तबीयत खराब होने पर लापरवाही न करें। चिकित्सक से संपर्क कर दवा दें। जिला अस्पताल में इलाज की सुविधा है। अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं, जो कमी है, वह दूर कर ली जाएगी।