रुद्रपुर में पेट्रोलपंपों पर अहले सुबह वाहनों में तेल उमड़ी भीड़।
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सलेमपुर। कालाधन को उजागर करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से लिए गए अचानक फैसले का असर आम लोगों पर बुधवार को दिखा। इससे नगर से लेकर देहात तक लोगों में हायतौबा मची रही। बाजार का रौनक भी फीका रहा। बंद हुए नोटों को लेने के लिए ग्राहकों को पेट्रोल पंप वर्करों व दुकानदारों ने खूब ब्लैकमेल किया।
नगर के मझौली मोड़ के समीप पेट्रोल पंप पर पयासी गांव निवासी श्यामराज, धनौती गांव के नीतेश यादव, सोहनाग के आशीष बाइक में पेट्रोल डलवाने पहुंचे। पेट्रोल पंप पर मौजूद वर्करों ने 100 रुपये खुला होने की बात पूछी। ग्राहकों ने 500 की नोट होने की बात कही। पंप वर्कर ने 100 या 200 रुपये का पेट्रोल देने से इंकार कर दिया और 500 रुपये का पेट्रोल देने की बात कही। इसको लेकर ग्राहकों और पंप वर्करों के बीच कहासुनी भी हुई। मजबूरी में ग्राहकों को 500 का पेट्रोल लेना पड़ा।
मझवलिया नंबर दो के प्रधान मनोज पांडेय, दिघड़ा सोमाली के जयश्री किराना की दुकानों पर खरीदारी के लिए आए थे। 500 का नोट होने की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ा। यही हाल लार, भटनी, भागलपुर, मझौलीराज नगर के पेट्रोल पंपों का भी रहा। बाजार में 500 का नोट लेने से दुकानदारों ने मना करा दिया और ग्राहकों से 500 की खरीदारी करने पर नोट लेने की बात कही। बड़ी नोट लेने के नाम पर लोगों को ब्लैकमेल किया गया।