भाटपाररानी के छोटी गंडक के जिरासो घाट पर एक साथ जलीं पांच चिताएं।
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भाटपाररानी। सड़क हादसे में मृत एक ही परिवार के छह लोगों में से पांच रामचंद्र, सुशील, मनोज, कमल पुगलिया और रामचंद्र की बेटी श्वेता के शवों का बुधवार की सायं छोटी गंडक नदी के किनारे जिरासो घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पांचों चिताओं को देखकर पूरा माहौल गमगीन हो गया।
रामचंद्र और सुशील के शव को सुशील के छोटे बेटे शनि, मनोज के शव को मुखाग्नि राहुल ने दी। बीकानेर निवासी कमल पुगलिया के शव को पांच वर्षीय पुत्र चिराग ने मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर सबकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
रामचंद्र की बेटी श्वेता के शव को विदेश से आए पति ने जब मुखाग्नि दी तो वातावरण और गमगीन हो गया। दाह संस्कार के समय आसपास के गांवों जिरासो, छत्रपुरा, महुवाबारी, बनकटा मिश्र, बेदवलिया, बडवाटोला, लक्ष्मन चक आदि गांवों के लोग भी पहुंचे थे। सबकी जुबान पर एक ही शब्द था कि इतना बड़ा हादसा कभी नहीं हुआ था।
बिहार के मैरवा थाना के इमलौली गांव के रहने वाले रिश्तेदार भीम के शव को उनके परिजन सोमवार की रात्रि में ही गांव लेकर चले गए थे। उनके शव का दाह संस्कार इमलौली में उनके पैतृक गांव में किया गया। दाह संस्कार में सभाकुंवर, पूर्व ब्लॉक प्रमुख जितेन्द्र उपाध्याय, अश्वनी सिंह, राघवेन्द्र वीर विक्रम सिंह, संजय गुप्ता सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।