अपनी मांगों को लेकर पूरे जिले के कोटेदारों ने सलेमपुर में मंगलवार को अपनी आवाज बुलंद की। सिंचाई विभाग डांक बगले से कोटेदार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए तहसील दिवस में पहुंचे। वहां एसडीएम मायाशंकर यादव को चार सूत्रीय मांगों का पत्रक दिया। समस्या का समाधान नहीं होने पर कोटेदार ने उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी।
कोटेदार संघ के जिलाध्यक्ष विश्वजीत मणि ने कहा कि गांवों में प्रधान प्रमाण पत्र देने के नाम पर कोटेदारों का खुला शोषण कर रहे हैं। इसका विरोध करने पर फर्जी शिकायत कर दुकानदारों को परेशान कर रहे हैं। ऐसे में कोटेदार से खाद्यान और केरोसिन उठान के लिए लिए जाने वाला प्रमाण पत्र का प्रविधान खत्म किया जाए। यह काम वितरण व्यवस्था जांच करने के लिए नियुक्त किए जाने वाले कर्मचारियों को दे दिया जाए।
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी अभी तक कोटेदारों के भाड़े का भुगतान नहीं किया गया। इससे कोटेदारों के सामने आर्थिक खड़ा हो गया। इसके अलावा भटनी के वैद्य मिश्रौली गांव और रामपुर कारखाना के कोटेदारों के साथ हुए दुर्व्यवहार करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। ऐसा नहीं होने पर कोटेदार उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष अंगीरा पांडेय, बाके बिहारी पांडेय, नरसिह बहादुर आदि रहे।