बरहज में खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी संवाद
-एक दशक से हो रहा है कटान, 30 करोड़ हो चुके हैं खर्च, लोगों को कटान से स्थायी निजात नहीं मिल पाई
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। बाढ़ से तबाही अभी खत्म नहीं हुई कि सरयू नदी ने कटान करना शुरू कर दिया, जिससे भागलपुर मईल बंधा और देवसिया छित्तूपुर गांवों पर कटान से खतरा मंडराने लगा है। इसको लेकर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। बाढ़ विभाग के अधिकारी कटान रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
ब्लाॅक के ग्राम पंचायत देवसिया और छित्तूपुर गांवों के सटे सरयू बहती है। बाढ़ के साथ ही नदी में हो रही कटान से इन गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। जल स्तर घटने और बढ़ने पर सरयू नदी तेज कटान करती है और तटवर्ती गांवों को बर्बाद कर देती है। नदी तेजी से कटान करती हुई भागलपुर मईल मार्ग तट बंध से मात्र 50 मीटर दूरी पर पहुंच गई है। तटबंध कटेगा तो नदी की धारा ही परिवर्तित हो जाएगी। दर्जनों गांव सरयू की मुख्य धारा में समाहित हो जाएंगे। सरयू नदी के कटान को रोकने के लिए नवागत जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बुधवार को तटबंधों का निरीक्षण किया और तटवर्ती गांवों के लोगों को आश्वासन दिया था कि कटान नहीं होने दिया जाएगा कटान होती है तो हेल्प नंबर पर बात कीजिएगा। बाढ़ विभाग द्वारा कटान रोकने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं लेकिन यह बहुत प्रभावी नहीं हैं।
बाढ़ विभाग के अवर अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि कटान रोकने के लिए लगातार उपाय किया जा रहा है। तट बंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है।