रात के करीब दो बजे तक मोहल्ले की सड़कों पर सहमे लोगों ने गुजारी रात
सभी एक-दूसरे से फोन या व्हाट्सएप के जरिए लेते रहे भूकंप का अपडेट
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शुक्रवार की रात 11:30 बजे 10 से 15 सेकेंड तक भूकंप के तेज झटके से पुराने व जर्जर भवनों में रहने वाले लोग दहशत में रहे। शुक्रवार की रात लोगों ने सड़कों, चौराहों और फुटपाथ पर गुजारी। दोबारा घरों में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। इसी बीच रात करीब एक बजे दोबारा भूकंप आने की अफवाह ने भी लोगों को दहशत में डाल दिया। लोग मोबाइल पर एक दूसरे से अपडेट लेते रहे। खुले में रात गुजारने के कारण कुछ लोगों की तबीयत खराब हो गई।
भूकंप के चलते देर तक लोग घर के बाहर टहलने को मजबूर रहे। शहर के गली-मोहल्लों में लोवर व वरमूडा में ही ज्यादातर लोग भय के चलते बाहर आ गए। इसके बाद मित्रों-शुभचितकों को फोन कर इस संबंध में बताया। शनिवार को विभिन्न विभागों के दफ्तरों, बैंक शाखाओं में भी इसी बात की चर्चा रही। राघवनगर निवासी शिक्षक नरेंद्र मोहन सिंह ने बताया कि वह सोए हुए थे। रात में 12 बजे एक रिश्तेदार का फोन आया तो लगा कि उनके घर में बीमार एक व्यक्ति की कहीं मौत तो नहीं हो गई। फोन रिसीव करने पर पता चला कि भूंकप आया है। सिविल लाइंस में देर रात तक चाय की दुकान लगाने वाले दुर्गेश प्रजापति ने बताया कि रात पौने 12 बजे के करीब सिविल लाइंस रोड पर अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा लोग इकट्ठे दिखे तो उन्हें पता चला कि भूंकप के चलते ऐसा हुआ है। आमतौर पर वह दुकान 11 बजे तक बंद कर दुकान की सफाई में लग जाते हैं और उसके बाद ही घर जाते हैं, लेकिन रात तो पौने 12 बजे भी लोगों के बाहर निकलने एवं इसकी चर्चा करने से चाय की बिक्री भी हुई।
रात में हाल में बैठकर परिवार संग टीवी देख रहे थे। इसी दौरान बिटिया को लगा कि हम लोग उसका बेड हिला रहे हैं। हकीकत पता चलते ही बालकनी में आए तो देखा कि मोहल्ले के लोग भी बाहर निकल सड़कों पर आ गए थे।
-शरद अग्रवाल, व्यापारी
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अचानक भूकंप के झटके महसूस हुए। सुरक्षा के दृष्टिकोण से परिवार के अन्य लोगों को जगाया और घर से बाहर निकल जाने को कहा। इसके बाद आसपास के लोगों को कहा कि घबराएं नहीं, रेडक्रास का सदस्य होने के कारण अन्य लोगों को भी जागरूक किए।
-अनिल त्रिपाठी
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रात में वह जगे थे। अचानक पंखे को हिलता देख डर गए। हालांकि कुछ सेकेंड बाद ही कंपन बंद हो गया। इसके बाद पूरी रात तो डर में ही बीता।
-हरिनारायन, मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज
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झटके लगने के बाद तो नींद भी गायब हो गई। समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या करें। साथ के मरीजों ने संयत किया तो कुछ राहत मिली। बीमारी में कहां बेड छोड़कर जाते।
-अशोक, मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज
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नगरपालिका ने चिह्नित किए हैं 98 जर्जर भवन
देवरिया। नगरपालिका परिषद की ओर से शहर में 98 जर्जर भवन चिह्नित किए गए हैं जो रहने लायक नहीं हैं। हालांकि इसमें अभी भी लोग रहते हैं। बरसात और भूकंप के समय इन भवनों के गिरने से बड़ा नुकसान होने की आशंका बराबर बनी रहती है।
शहर में रेलवे स्टेशन, तहलील चौक से तहसील रोड, अमन गेट के पास, अंसारी रोड, बजाजी गली, सब्जी मंडी, भीखमपुर रोड, रागिनी मोड़ आदि जगहों पर पुराने जर्जर भवन आम जनमानस के लिए खतरा बने हुए हैं। नगरपालिका की ओर से शहर में ऐसे 98 मकानों को चिन्हित कर नोटिस भी जारी किया जा चुका है, हालांकि इसमें रहने वाले इन जगहों को छोड़ने को तैयार नहीं दिखते।
जनपद में 5.9 दर्ज की गई तीव्रता
भूकंप की तीव्रता अधिकेंद्र पर सबसे अधिक होती है। जैसे अधिकेंद्र से दूर जाते हैं, तीव्रता घटती जाती है। इसका केंद्र काठमांडू से 500 किमी दूरी पर था। जनपद स्तर पर इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 दर्ज की गई है।
-डॉ. उदयभान, भूगोल विभाग, बीआरडी पीजी कॉलेज
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अगर कोई तैयार हो तो नपा उपलब्ध कराएगा संसाधन
शहर में 50 से 60 साल ऐसे पुराने मकान है जिन पर कोर्ट में केस चल रहे हैं। किराएदारों से विवाद चल रहा है। कई भवन स्वामी ऐसे में मरम्मत नहीं करा पा रहे हैं। जर्जर भवनों को नोटिस जारी किया गया है। अगर कोई तैयार हो अपने जर्जर भवन को गिराने के लिए नपा की ओर से उन्हें संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा।
-रोहित सिंह, ईओ