जिनके लिए बना शौचालय, वही पहुंचा रहे नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिन लोगों की सुविधा के लिए नगर पालिका ने सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया है, वही इस्तेमाल के बाद उसे नुकसान पहुंचा रहे हैं। कहीं टॉयलेट सीट में लोग पत्थर डाल दे रहे तो कहीं शराब की शीशी। कई जगहों पर प्लास्टिक के लगे दरवाजों में सिगरेट से छेद कर दिया गया है। कलेक्ट्रेट परिसर के शौचालय की सीट ही किसी ने तोड़ दी है।
बांस देवरिया में नगर पालिका की जमीन पर कब्जा न कर पाने का मलाल कुछ लोग शौचालय पर उतार रहे हैं। सामुदायिक शौचालय बनने के बाद लोगों ने पत्थर से शौचालयों की दीवारों को नुकसान पहुंचाया था। शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नगर पालिका और नेडा ने कई जगहों पर 14 शौचालयों का निर्माण कराया है। इसके अलावा सात शौचालय अभी निर्माणाधीन हैं। जिन इलाकों में शौचालय की व्यवस्था नहीं है, वहां मोबाइल टायलेट खड़ा किया जाता है ताकि लोगों को खुले में शौच नहीं जाना पड़े। सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालयों में पहुंचने वाले कुछ लोग शौचालयों की कद्र नहीं कर रहे। कुछ लोग अंदर लगी टोटी खोल ले जा रहे हैं तो कुछ बल्ब ही निकालकर ले जा रहे हैं।
जागरूकता पर करीब छह लाख खर्च
स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नगर पालिका हर साल करीब छह से सात लाख रुपये खर्च करती है। होर्डिंग, बैनर, वॉल पेंटिंग और पंफलेट के जरिए लोगों को जागरूक किया जाता है। इसके अलावा स्कूलों में प्रतियोगिता कराकर और लाउडस्पीकर के माध्यम से नगर पालिका शहर वासियों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाती है। इस कवायद के बावजूद कुछ लोग प्रशासन की मंशा पर पानी फेर रहे हैं।
नगर में शौचालयों की स्थिति एक नजर में
- 02 मोबाइल टॉयलेट हैं
- 12 सार्वजनिक शौचालय हैं
- 02 सामुदायिक शौचालय हैं
- 07 शौचालय निर्माणाधीन हैं
सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों पर तैनात सभी कर्मचारियों को शरारती तत्वों के ऊपर नजर रखने को कहा गया है। कोई व्यक्ति शौचालय को नुकसान पहुंचाता मिला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोगों को अन्य माध्यमों से स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
- एसपी सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद देवरिया