सामान्य दिनों की तरह सड़कों पर निकल रही भीड़
चौराहों से पुलिस नदारद, बगैर किसी रोक-टोक के फर्राटा भर रहे लोग
दुकानों के खोलने के नियम हुए तार-तार, संक्रमण का बढ़ा खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। दुकानों के खोले जाने की प्रशासनिक छूट के बाद लॉकडाउन मजाक बन कर रह गया है। देखा जाए तो सामान्य दिनों की तरह ही जनता सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं। न तो उन्हें संक्रमण का खतरा सता रहा है और न ही पुलिस की लाठी का खौफ ही है। अधिकतर लोग तो बिना मास्क और बिना हेलमेट के ही फर्राटा भर रहे हैं। देखा जाए तो लोगों की लापरवाही शहर पर भारी पड़ रही है।
लॉकडाउन-3 जारी होने के बाद प्रशासन ने चार मई से अलग-अलग दिनों में अलग-अलग दुकानें खोले जाने का निर्देश जारी किया है। लेकिन स्थिति यह है कि सभी तरह की दुकानें खुल गई हैं। ऊहापोह की स्थिति की वजह से दुकानदार समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्हें कब दुकानें खोलनी है और कब बंद करनी है। सभी तरह की दुकानों के खुलने से सामाजिक दूरी की मंशा पर पानी फिर रहा हैं। शहर में भीड़ ही नहीं जाम भी लगना शुरू हो गया हैं। शहर के अधिकांश इलाकों में बेवजह लोग चौराहों एवं सड़कों पर घूम रहे हैं। दिन-प्रतिदिन शहर में भीड़ बढ़ती जा रही है। बुधवार को तो आम दिनों की तरह ही भीड़ सड़कों पर दिखी। लॉकडाउन का तीन मई तक सख्ती से पालन हुआ तो लोग घरों में कैद रहे लेकिन अब दुकानों के खुलने की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ने लगी हैं। न तो सत्ताधारी दल के लोग इसका ध्यान दे रहे हैं और न ही हॉट स्पॉट दो गांवों के लोग ही घरों में कैद रह पा रहे हैं। तरह-तरह का बहाना बनाकर लोग घरों से निकल जा रहे हैं। दुकानें भले ही सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक खुलने का आदेश है लेकिन मोहल्लों में तो रात दस बजे तक दुकानें खुल रही हैं। उधर, डीएम अमित किशोर का कहना है कि जहां सामाजिक दूरी का पालन नहीं होते पाया जाएगा वहां के दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि मास्क लगाने एवं सामाजिक दूरी बनाए रखने के निर्देश का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
इनसेट
दुकानें खोलने के ये हैं निर्देश
सात मई बृहस्पतिवार, नौ मई शनिवार और 12 मई मंगलवार को किराना, गल्ला, मोबाइल, घड़ी, चश्मा, जूता, चप्पल, टायर, ट्यूब, वाहन शोरूम, ऑटो पार्ट्स, फर्नीचर, बैग अटैची, बर्तन आदि की दुकानें खुली रहेंगी। आठ मई शुक्रवार और 11 मई सोमवार को स्टेशनरी, इलेक्ट्रिक्लस, इलेक्ट्रानिक्स, मोबाइल बिक्री व रिपेयर, मिठाई, झाडू, मिट्टी का बर्तन, ज्वैलर्स, कपड़े की दुकानें खुलेंगी। साप्ताहिक बंदी रविवार को पूर्ण रूप से दुकानें बंद रहेंगी।
बैंकों में बढ़ी भीड़, सोशल डिस्टेसिंग का नहीं रख रहे ख्याल
आने-जाने वालों को नहीं सता रहा कोरोना संक्रमण का भय
मास्क या गमछा भी मुंह पर बांधने में अभी भी लोग कर रहे झिझक
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। लॉकडाउन में छूट मिलने का असर बैंकों पर भी साफ दिखने लगा है। अचानक शाखाओं में भीड़ बढ़ने से जिले में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इन सबके बावजूद भी बैंक प्रशासन व यहां तैनात सुरक्षाकर्मी आने वाले ग्राहकों से इसका पालन कराने में असमर्थ साबित हो रहे हैं।
शहर के प्रमुख सरकारी व गैर सरकारी बैंकों में पिछले तीन दिनों में भीड़ अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा हो रही है। लॉकडाउन में भले ही बैंक बंद न रहे हों, लेकिन आने वालों की संख्या कम ही रही। इधर, छूट मिलने व दुकानों को खुलने की जानकारी होने के बाद शाखाओं में भीड़ अधिक हो रही है। अन्य दिनों की अपेक्षा बाजार में चहल-पहल भी धीरे-धीरे बढ़ी है। ऐसे में बैंक शाखाओं पर भी जमा व निकासी के लिए लोग खासकर महिलाएं अधिक आ रही हैं। राघवनगर स्थित एसबीआई मुख्य शाखा, न्यू कालोनी एसबीआई, अंसारी रोड स्थित सेंट्रल बैंक मुख्य शाखा व इलाहाबाद बैंक, विकास भवन स्थित इलाहाबाद बैंक शाखाओं में आने वाले बिना डर के आ-जा रहे हैं। शाखाओं में तैनात सुरक्षाकर्मी भी इन्हें नहीं रोकते। प्राइवेट बैंकों को छोड़ दिया जाए तो किसी भी सरकारी बैंक में प्रवेश द्वार पर हाथ को सैनिटाइज नहीं कराया जाता। बिना डर व भय के मुंह पर मास्क भी लगाने में कुछ लोग गुरेज कर रहे हैं, इन्हें भी शाखाओं में प्रवेश दे दिया जा रहा है। ऐसा ही लापरवाही चलती रही तो इनकी गलती का खामियाजा अन्य ग्राहकों को भी भुगतना पड़ सकता है।
पब्लिक को भी करना होगा सहयोग
लीड बैंक प्रबंधक राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि भीड़ बढ़ने से शाखाओं में तैनात सुरक्षाकर्मी भी ग्राहकों को समझाते हैं, लेकिन जनता समझने को तैयार ही नहीं है। जहां से सूचना मिलती है कि भीड़ नहीं संभल पा रही है, तो इसे कंट्रोल रूम को बताया जाता है। वहां प्रशासन व पुलिस के लोग जाकर ग्राहकों को संभालते हैं। आम ग्राहकों की भी जिम्मेदारी है कि वह शाखाओं में सोशल डिस्टेसिंग नियमों का पालन करें।