देवरिया। जनपद में इन दिनों उमस भरी गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
पारा बढ़ने के साथ ही लोग अब मौसमी बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। अस्पतालों के ओपीडी में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ गई है, जिसका मुख्य कारण खान-पान में बरती जा रही लापरवाही और खराब भोजन का सेवन है।
बढ़ती नमी और उमस की वजह से बैक्टीरिया तेजी से सक्रिय हो रहे हैं। इस मौसम में बना हुआ भोजन 3 से 4 घंटे के भीतर ही दूषित होने लगता है।
घरों में रखा खाना, विशेषकर दाल और हरी सब्जियां जल्द खराब हो रही हैं। कई लोग अनजाने में बासी खाने का सेवन कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर फूड पॉइजनिंग का कारण बन रहा है।
इन दिनों शादियों और मांगलिक कार्यक्रमों की धूम है। देर रात तक चलने वाली पार्टियों में परोसा जा रहा अत्यधिक मसालेदार और तैलीय भोजन लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। शादियों में लंबे समय तक खुले में रखे कटे हुए फल और सलाद संक्रमण फैला रहे हैं। रात 11-12 बजे के बाद गरिष्ठ भोजन करने से पाचन तंत्र सुस्त हो जाता है, जिससे उल्टी-दस्त और एसिडिटी की समस्या बढ़ रही है।