पड़री बाजार गांव पहुंचे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने पीड़ित परिवार और गांव वालों से मिलकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली। नेताओं ने पुलिस के उत्पीड़न और लाठी चार्ज की घटना का निंदा की। नेताओं ने डीआईजी से बात कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। विधायक ने कहा कि पड़री बाजार में बबाल के लिए खुखुंदू पुलिस जिम्मेदार है।खुखुन्दू, पड़री बाजार गांव में जुलूस-ए-मोहम्मदी के दिन जुलूस में घोड़ा और डीजे शामिल करने को लेकर पुलिस और लोगों के बीच कहासुनी हो गई। इससे नाराज पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। इससे लोगों में भगदड़ मच गई। इस दौरान खुखुन्दू एसओ अंशुमान यदुवंशी अपने सर्विस रिवाल्वर के बट से मारकर एक शिक्षक का सिर फोड़ दिया और दहशत फैलाने के लिए असलहा भी लहराया। यहां तक कि पुलिस वाले घर में घुसकर महिलाओं को भी पीटा। भाजपा के जिलाध्यक्ष महेन्द्र यादव के नेतृत्व में पहुंचे नेताओं पीड़ित परिवार और गांव वालों से मिलकर पूरे मामले की जानकारी लिया। सदर विधायक जन्मेजय सिंह ने बताया कि पुलिस की ज्यादती की वजह से पड़री बाजार में इतना बड़ा बवाल हुआ। पुलिस इस कदर गांव में इस कदर तांडव मचाया है। जिससे आज भी गांव वाले पूरी तरह से दहशत में हैं। पुलिस के इस उत्पीड़न को देखते हुए विधायक ने डीआईजी से बात कर फर्जी तरीके से दर्ज हुए केस को वापस करने और खुखुन्दू एसओ पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान विजय कुमार दुबे, पूर्व विधायक सुरेश तिवारी, मनोज तिवारी, विमल पांडेय, सुधीर पांडेय, पूर्व एमएलसी एडवोकेट श्रीनाथ, प्रभुनाथ मिश्र, दिनेश, अजय आदि मौजूद रहे।