सलेमपुर। पीएचसी के कर्मचारी खूब मनमानी कर रहे हैं। मंगलवार को न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पयासी में सुबह 10.40 बजे तक ताला बंद था।
इसके अलावा नया प्राथमिक केंद्र विशुनपुरा, पड़री बाजार, चेरो में दोपहर 11.30 बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे थे। हालांकि चार दिन पहले ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात तीन महिला चिकित्सकों का प्रभारी ने समय से पहले अस्पताल छोड़कर घर जाने के मामले में एक दिन का वेतन काटा था, इसके बावजूद सुधार नहीं हो रहा है।
नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पयासी में डॉ. टीएन वर्मा की तैनाती है। फार्मासिस्ट का रिक्त जगह होने के चलते मझौलीराज के फार्मासिस्ट को तीन दिन के लिए यहां अटैच किया गया है। मंगलवार को 11.30 बजे तक अस्पताल का ताला बंद था। जिसके चलते कुछ मरीज इधर उधर भटक रहे थे।
इलाज के लिए पहुंचे मोहित, राहुल, इंद्रावती देवी ने बताया कि यह अस्पताल कभी समय से नहीं खुलता है। यहां के चिकित्सक की मर्जी होता है तो अस्पताल खोलते हैं, नहीं तो नहीं खोलते हैं। शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती है। मझौलीराज नया प्राथमिक केंद्र पर डॉ. शिवानंद राम और फार्मासिस्ट नागेंद्र कुमार मिश्र मौजूद थे, लेकिन अन्य कर्मचारी नहीं दिखे।
पीएचसी पड़री बाजार में डॉ. राहुल कुमार को तीन दिन के लिए अटैच किया गया है। यहां रोजाना 90 से 100 मरीज इलाज के लिए आते हैं। मंगलवार की दोपहर करीब 1.40 बजे डॉ. राहुल कन्नौजिया का केबिन खुला हुआ था, लेकिन वह मौजूद नहीं थे। वही फार्मासिस्ट दीपक वर्मा दवा वितरित कर रहे थे। वार्ड ब्वाय प्रिंस सिंह पचीं बना रहे थे। एएनम कौशल्या चौरसिया, एलटी सलोनी गुप्ता भी उपस्थित रही। न्यू पीएचसी विशुनपुरा में वार्ड ब्वाय धीरज दूबे ही मरीजों को दवा दे रहे थे। बरडीहा दलपत में डॉ. एसएन त्रिपाठी मरीजों को देख रहे थे।