कस्तूरबा की वार्डेनों, लेखाकारों का रोका वेतन
राशन व दैनिक उपभोग सामग्री का बिल बाउचर नहीं जमा करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की सभी वार्डेन एवं लेखाकारों का वेतन रोक दिया गया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने समय से राशन और दैनिक उपभोग की सामग्रियों का बिल बाउचर नहीं जमा किया है। हालांकि इसके पीछे अधिकारियों की सेटिंग नहीं होना कारण बताया जा रहा है। उधर पुराने बिलों का ही भुगतान नहीं होने से इन विद्यालयों के संचालन में दिक्कतों का सामना संबंधित लोगों को करना पड़ रहा है।
सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत जिले में वर्तमान में देवरिया सदर के उच्च प्राथमिक विद्यालय खोराराम, बैतालपुर में जूनियर स्कूल मिश्रौलिया, रामपुर कारखाना के डायट परिसर, पथरदेवा के जूनियर विद्यालय बघौचघाट, देसही देवरिया के टीला टाली, गौरीबाजार के पथरहट जूनियर विद्यालय, बरहज, बनकटा व लार में बीआरसी परिसर, भलुअनी में जूनियर विद्यालय गड़ेर, भाटपारानी में फुलवरिया-लार मार्ग पर, रुद्रपुर में जूनियर स्कूल कोरवां, भटनी में रुपई बैकुंठपुर में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। प्रत्येक में 100 छात्राओं का नामांकन हैं। संचालन को 13 वार्डेन एवं 13 लेखाकार, अंशकालिक, पूर्णकालिक शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों 195 लोग कार्यरत हैं। राज्य परियोजना निदेशालय की ओर से छात्राओं के आवास, भोजन, पुस्तक, स्वेटर, ड्रेस सहित अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। एक विद्यालय को शासन की ओर से प्रति माह दो लाख रुपये केवल राशन, फल, दूध और सब्जी के लिए उपलब्ध कराया जाता है। इन स्कूलों में राशन व दैनिक उपभोग की सामग्रियों की आपूर्ति चयनित एजेंसी की ओर से की जाती है। इधर लगातार इन विद्यालयों में सामानों की खरीदारी और बिल भुगतान की शिकायतें शासन तक पहुंच रही हैं। इस बाबत बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने कहा कि राशन व दैनिक उपभोग की सामग्री की आपूर्ति व अन्य बिलों के भुगतान के लिए पत्रावली प्रस्तुत न करने के कारण कस्तूरबा की सभी वार्डेन व लेखाकार का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित किया गया है। इन्हें संबंधित फर्मों से बिल प्राप्त कर इसे कार्यालय में देने का निर्देश दिया गया है।
नवंबर, दिसंबर का बिल लेकर दौड़ रही है वार्डेन
इधर नवंबर और दिसंबर माह का बिल बाउचर का भुगतान कराने को लेकर कई दिनों से लार, रुद्रपुर, भटनी, भाटपाररानी, देसही देवरिया सहित अन्य कस्तूरबा की वार्डेनों व लेखाकारों को परेशान किया जा रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ वार्डेन ने मोबाइल पर बताया कि बिल भुगतान के नाम पर बेवजह परेशान किया जाता है। बिना कमीशन लिए विद्यालय परिसर में कोई भी सामान नहीं मिल पाता। बिल भुगतान के समय बाउचर रहने के बावजूद अनावश्यक सवाल-जवाब किए जाते हैं।