- सीएचसी में विश्व हाइपरटेंशन दिवस पर लगा शिविर
रुद्रपुर। विश्व हाइपरटेंशन दिवस पर शनिवार को सीएचसी रुद्रपुर में शिविर का आयोजन किया गया। अधीक्षक डॉ. एसके राव ने फीता काटकर शिविर का शुभारंभ किया। अधीक्षक ने कहा कि उच्च रक्तचाप बहुत ही घातक बीमारी है। यह समस्या अनियमित खानपान और खराब जीवनशैली के कारण होती है। हाइपरटेंशन की वजह से हर्ट, किडनी की दिक्कत होने की संभावना बढ़ जाती है। डाइट पर ध्यान देकर इससे बचा जा सकता है। इस दौरान एनसीडी की टीम के सहयोग से बीपी के 65, मधुमेह के 15 मरीज व हाइपरटेंशन के आठ मरीज देखे गए।
कहा कि विश्व हाइपरटेंशन दिवस 17 मई को मनाया जाता है। अगर अपने जीवनशैली में सही बदलाव लाते हुए डाइट में पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा लेते हैं तो आप अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर सकते हैं। उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए। एनसीडी के नोडल अधिकारी डाॅ. हरि मोहन पांडेय ने कहा कि भोजन में पालक और पत्तेदार सब्जियां खानी चाहिए। वहीं फल में केला, तरबूज, जामुन खाना चाहिए। सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है कि आपका ब्लडप्रेशर 120 और 80 मिलीमीटर के बीच रहे। इससे ज्यादा ब्लड प्रेशर होने पर व्यक्ति हाइपरटेंशन का शिकार हो जाता है। हाइपरटेंशन हमारी कोरोनरी आर्टरी की परतों को नुकसान पहुंचाता है। इसकी वजह से हमारे दिमाग से लेकर किडनी तक को क्षति पहुंच सकती है। हाई ब्लडप्रेशर होने पर ब्लड धमनियों की साइड की परतों को तेजी से हिट करता है। इसकी वजह से धमनियों की परतों को नुकसान पहुंचता है और वे क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। धमनियों में होने वाले इस नुकसान से रुकावट आ जाती है। काफी लंबे समय से हाइपरटेंशन होने पर हार्ट की मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है। हार्ट फेल होने की संभावना बढ़ जाती है। इस दौरान बीएचडब्ल्यू विकास कुमार, एनसीडी स्टाफ नर्स अंकिता सिंह, एनसीडी काउंसलर शिल्पी, एलटी चंदन मधुकर, एआरओ जय प्रकाश यादव आदि मौजूद रहे।