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Deoria News: एक्स-रे के लिए दूसरे दिन भी परेशान रहे मरीज, लौटे मरीज

Sat, 20 Apr 2024 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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तकनीकी खराबी से ठप है डिजिटल एक्स-रे
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अमरनाथ यात्रा जाने वाले सहित 200 से अधिक लोग हुए निराश

संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्स-रे जांच दूसरे दिन भी ठप रही। मशीन में आई खराबी शुक्रवार को भी दूर नहीं हो सकी। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पूरा इलाज न होने से दूर-दराज क्षेत्रों से आए मरीजों और तीमारदारों को निराश होकर लौटना पड़ा। जबकि अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए मेडिकल रिपोर्ट में लोगों को भटकना पड़ रहा है। वहीं, शाम और रात में ओपीडी की पोर्टेबल डिजिटल मशीन से एक्स-रे शुरू किया गया है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में एक्स-रे की चौबीस घंटे सुविधा है। ओपीडी के आर्थो, चेस्ट, मेडिसिन सहित अन्य विभागों से डॉक्टर, मरीजों को एक्स-रे लिखते हैं। लेकिन, बृहस्पतिवार को मशीन खराब होने से डिजिटल एक्स-रे मशीन ठप हो गई है। इससे सीना, कमर, कूल्हा, कंधा, गर्दन, पेट सहित दुर्घटना में घायल और वार्ड में भर्ती मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। शुक्रवार को तेज धूप और हवा में इलाज के लिए आए करीब 200 से अधिक मरीजों को लौटना पड़ा। कुछ लोगों को मजबूरी में निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ा। जहां उन्हें 350 से 600 रुपये कीमत चुकानी पड़ी।
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भाटपाररानी क्षेत्र के पंकज, रामलक्षन के भुलई प्रसाद, रामपुर कारखाना क्षेत्र की प्रियंका, बरहज क्षेत्र के जितेंद्र ने बताया कि गर्मी के मौसम में घर से इलाज के लिए आए। लेकिन, एक्स-रे नहीं होने से समुचित इलाज नहीं हो सका।

शाम से सुबह तक ओपीडी में एक्स-रे की सुविधा
मेडिकल कॉलेज के डिजिटिल एक्स-रे सेंटर में 24 घंटे जांच की सुविधा है। लेकिन, मशीन में खराबी के कारण जांच ठप है। इससे इमरजेंसी और भर्ती मरीजों के एक्स-रे में परेशानी हो रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शाम चार से सुबह आठ बजे तक ओपीडी की पोर्टेबल डिजिटल मशीन से एक्स-रे शुरू किया है। यहां हाथ, कलाई, बाजू, केहुनी, एड़ी, पंजा, घुटना की ही जांच होगी। जबकि सीना, कमर, कूल्हा, कंधा, गर्दन आदि की जांच नहीं हो सकेगी।
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डिजिटल एक्स-रे मशीन में तकनीकी गड़बड़ी को ठीक कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इंजीनियर को बुलाया गया है। मशीन की गड़बड़ी जल्द दूर हो जाएगी। इसके बाद जांच शुरू हो जाएगी।

-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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