पासपोर्ट के सत्यापन में देरी पर शासन खफा है। देवरिया समेत सात जिलों के अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्तरदायित्व तय करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। शासन के सख्त तेवर से खलबली मची है। शासन का निर्देश है कि पासपोर्ट संबंधी आवेदन पत्रों का पुलिस वेरीफिकेशन की कार्रवाई 21 दिन के अंदर भीतर पूरा किया जाए। लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो रहा है। नवंबर में सूबे के सभी जिलों से पुलिस सत्यापन के संबंध में शासन को आख्या भेजी गई थी। इसमें देवरिया, इलाहाबाद, अलीगढ़, बरेली, गोंडा, लखनऊ और आजमगढ़ में 50 से अधिक मामले लंबित पाए गए। इसके अलावा अन्य जिलों से इससे कम मामले पाए गए। शासन की ओर से गृह वीजा अनुभाग चार के विशेष सचिव गृह सूर्य नारायण शुक्ल ने 50 से अधिक मामले वाले सातों जिलों के डीएम, एसएसपी, एसपी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि इतनी संख्या में पारपत्र आवेदन पत्र 21 दिन से अधिक समय तक सत्यापन के लिए लंबित होने से राजस्व का नुकसान हो रहा है। जिसके लिए इन जिलों के एसएसपी, एसपी और उनके अधीनस्थ नोडल अधिकारी, पारपत्र प्रत्यक्षत: उत्तरदायी हैं। आवेदन पत्रों के निर्धारित समय सीमा में निस्तारण के लिए प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही देरी के लिए उत्तरदायी निर्धारित करते हुए दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें। सत्यापन की कार्रवाई 21 दिन की समयावधि मेें पूरा कराया जाना सुनिश्चित करें।