राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने बुधवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहें। कर्मचारियों ने तीन प्रोन्नति की मांग बुलंद की। उनका कहना था कि पेंशन की बहाली के लिए नए कर्मचारियों को एकजुट रहना पड़ेगा। मांग पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी। तहसीलदार सदर को 10 सूत्रीय मांगपत्र दिया। रोडवेज में आयोजित गेट मीटिंग में अध्यक्ष जयनारायण यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कर्मचारियों के प्रति संवेदनहीन हैं। अब तक कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से एक बार भी मुलाकात नहीं की है। उन्होंने कहा कि कलमबंद हड़ताल एक चेतावनी है। सरकार ने संगठन की मांगों पर अमल नहीं किया तो 23 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जाएगा। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रेमनारायण तिवारी ने कहा कि निजीकरण और ठेकेदारी व्यवस्था को समाप्त किया जाए। राम निवास पांडेय ने कहा कि वार्षिक वेतन वृद्धि लागू किया जाए। रमेश प्रसाद ने कहा कि प्रत्येक संवर्ग के लिए पूर्व में लागू नकदीकरण व्यवस्था की बहाली हो। राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि नए कर्मचारियों को संघर्ष के लिए तैयार रहना पड़ेगा। प्रदर्शन में बृजेश पांडेय, शिव प्रसाद यादव, धर्मेंद्र यादव, रमेश तिवारी, मारकंडेय तिवारी, घनश्याम उपाध्याय, उपेंद्र पांडेय, प्रेमनारायण तिवारी आदि मौजूद रहे।