देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में इमरजेंसी शिफ्ट होने के बाद व्यवस्था को दुरुस्त करने और अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए नया नियम लागू किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी में तीमारदारों के प्रवेश के लिए पास सिस्टम अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत अब एक समय में एक ही तीमारदार को मरीज के पास रहने की अनुमति दी जाएगी।
इमरजेंसी में अक्सर मरीजों के साथ कई-कई तीमारदार आ जाते थे, जिससे वार्डों में भीड़ की स्थिति बन जाती थी। इससे न सिर्फ गंभीर मरीजों के इलाज में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ को असुविधा होती थी, बल्कि संक्रमण का खतरा भी बना रहता था। इमरजेंसी के वातानुकूलित ट्रामा सेंटर में शिफ्ट होने के बाद मरीज के साथ आने वाले सभी तीमारदार अंदर ही रह जा रहे थे। इसके चलते पहले दिन मंगलवार को काफी भीड़ इमरजेंसी वार्ड में हो गई। इसको देखते हुए कालेज प्रशासन ने पास सिस्टम लागू कर दिया है। अब जिस तीमारदार के पास मरीज से जुड़ा तीमारदार पास रहेगा, वही मरीज के पास रहेगा। अन्य किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। जब दूसरे तीमारदार को मरीज के पास जाना होगा, तो पहला तीमारदार बाहर जाएगा, दूसरा तीमारदार उससे पास लेकर मरीज के पास जा सकेगा।
बीएचटी और बेड नंबर से बनेगा पास
- नई व्यवस्था के अनुसार, इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीज की बेड हेड टिकट (बीएचटी) और आवंटित बेड नंबर के आधार पर ही तीमारदार का पास जारी किया जाएगा। बिना पास के किसी भी तीमारदार को इमरजेंसी वार्ड के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। सुरक्षाकर्मी प्रवेश द्वार पर पास की जांच के बाद ही तीमारदार को अंदर जाने देंगे।
ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी में इलाज व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और मरीजों के स्वास्थ्य सुरक्षा के हित में तीमारदार के लिए पास सिस्टम लागू किया गया है। मरीजों और उनके तीमारदारों से अनुरोध है कि नई व्यवस्था का पालन करें व एकाग्रचित्त होकर मरीज का समुचित उपचार करने में चिकित्सकों का सहयोग करें।
डॉ. एचके मिश्र, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक