तीन दिन पूर्व साथी छात्र के खुदकुशी करने से नाराज छात्रों ने शनिवार को हंगामा कर दिया। छात्रों ने स्कूल के एक शिक्षक पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन देने के बाद छात्रों ने सड़क जाम करने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने लाठियां भांजकर खदेड़ा। छात्रों के हंगामे को देखते हुए पुलिस इंस्पेक्टर गोपाल त्रिपाठी स्कूल पहुंचे। इस दौरान मृत छात्र अभिषेक के पिता अरविंद भी स्कूल में आ गए। उन्होंने बेटे की मौत के लिए किसी शिक्षक को जिम्मेदार ठहराने को गलत बताया। उन्होंने साफ किया कि उनके बेटे को लेकर राजनीति की जा रही है, इस बारे में उन्होंने विद्यालय प्रशासन को लिखित रूप से दिया है। एसडीएम सदर अजय कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस इंस्पेक्टर और बीएसए को मामले की जांच के लिए कहा है। रामपुर कारखाना, पिपरा मदन गोपाल के अरविंद द्विवेदी दुबई में नौकरी करते हैं। उनका बेटा अभिषेक सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्या मंदिर में इंटर का छात्र था। कोतवाली के भीखमपुर रोड में वह किराए की मकान में मां और बहन के साथ रहता था। 23 दिसंबर को उसने खुदकुशी कर ली। छुट्टी होने की वजह से छात्र इस बात को नहीं जान पाए थे। शनिवार को जब स्कूल खुला तो छात्रों को इस बात की जानकारी हुई। शनिवार को छात्र देवरिया खास स्थित स्कूल से कलेक्ट्रेट आए। यहां हंगामा करते हुए एसडीएम सदर को ज्ञापन दिया। छात्रों ने आरोप लगाया कि स्कूल के एक शिक्षक अभिषेक का मानसिक उत्पीड़न करते थे। शत-प्रतिशत हाजिरी नहीं होने पर उसे फेल करने की बात कहते थे। ज्ञापन देने के बाद छात्रों ने सुभाष चौक पहुंचकर सड़क जाम करने की कोशिश की। पहले तो पुलिस ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं माने तो पुलिस ने लाठियां भांजकर खदेड़ा। छात्र इधर-उधर भागकर छिप गए। सदर कोतवाल गोपाल त्रिपाठी ने बताया कि बच्चों को उकसा कर आंदोलन के लिए प्रेरित करने कुछ छात्रों को चिह्नित किया जा रहा है। उनके खिलाफ सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।