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साहब! मेरे घर राशन नहीं है परिवार के लोग भूखे हैं

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साहब! मेरे घर राशन नहीं है, परिवार के लोग भूखे हैं
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देवरिया। साहब! मेरे घर में राशन खत्म हो गया है। कल शाम का चूल्हा नहीं जला। बीवी-बच्चे और बुढ़ी मां कल से भूखे हैं। यह पीड़ा बताते हुए भटनी के चकउर गांव निवासी धर्मेंद्र ने मंगलवार की दोपहर कंट्रोल रूम में फोन कर परिवार के लिए मदद मांगी। उसने बताया कि मैं इस समय गुजरात में हूं। मेरा परिवार गांव रहता है। घर में जो राशन था वह सोमवार की सुबह खत्म हो गया। दुकानें बंद हैं, पुलिस भी घर से न निकलने की हिदायत दे रही है। राशन न होने से मेरे घर शाम का चूल्हा नहीं जल सका है। कंट्रोल रूम प्रभारी ने धर्मेंद्र की शिकायत भटनी बीडीओ को पहुंचाई। तीन घंटे के भीतर सप्लायर के माध्यम से धर्मेंद्र के घर राशन भेज दिया गया।
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इसी प्रकार लखनऊ के भागवत शुक्ला ने कंट्रोल रूम को फोन कर कहा कि मैं राघवनगर में हूं बरहज ब्लाक के करूअना गांव निवासी मेरे साढ़ू की माता जी का स्वर्गवास हो गया है। देखने जाना था पुलिस घर से बाहर निकलने पर रोक रही है। इस पर कंट्रोल रूम प्रभारी ने कोरोना से बचाव के तौर तरीकों पर अमल करते हुए साढ़े के घर जाने की अनुमति दी। नेहरू नगर चकियवां के लोगों ने फोन कर मोहल्ले को सैनिटाइज कराने को कहा तो कंट्रोल रूम की ओर से नगर पालिका को निर्देशित किया गया। मंगलवार दोपहर एक बजे तक विकास भवन स्थित कंट्रोल रूम में कुल 30 लोगों ने एलपीजी, राशन, सब्जी आदि आवश्यक सामान उपलब्ध कराने के लिए मदद मांगी।
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