नकइल-ददरी घाट पर पीपे का पुल बहा, आवागमन ठप
चेतावनी के बाद भी नहीं जागा पीडब्ल्यूडी, दो दिन पहले क्षतिग्रस्त हुआ था पुल का एप्रोच
गोरखपुर-देवरिया जिले के 100 गांवों का संपर्क कटा
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। राप्ती के जलस्तर में आए मामूली उफान से रविवार की रात नकइल-ददरी घाट पर बना पीपा का पुल बह गया। दो दिन पहले यास तूफान के असर से शुरू मूसलधार बारिश में पुल का एप्रोच धंसने की सूचना और पुल बहने की चेतावनी के बाद भी पीडब्ल्यूडी ने पुल को सुरक्षित करने की जहमत नहीं उठाई। पुल बहने से देवरिया जिले के करीब 50 गांवों का संपर्क बगल के गोरखपुर जिले से कट गया है।
विभाग की लापरवाही से इन गांवों के लोगों के गोरखपुर जिले में जाने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। अब गोरखपुर जिले के गांवों में जाने के लिए करीब 50 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। देवरिया के लोक निर्माण विभाग की ओर संचालित हो रहे पीपे के पुल का एप्रोच तीन दिन पहले धंस गया। यास की तूफानी बारिश में एप्रोच धंसने से यातायात बाधित होने की खबर अमर उजाला के अंक में 30 तारीख को प्रमुखता से प्रकाशित की गई। एप्रोच धंसने के बाद विभाग को सूचना देने पर भी जिम्मेदार सोते रहे। एप्रोच की मरम्मत नहीं होने से रविवार को राप्ती की धारा पीपे को बहा ले गई। नकइल-ददरी घाट पर बने पीपे के पुल का इस्तेमाल गोरखपुर जनपद और देवरिया जिले के करीब 100 गांवों के लोग करते हैं। इस पुल से हजारों यात्रियों का दोनों जिले के गांवों में रोज आना-जाना हो रहा था। पीपे के पुल के कारण इन गांवों के लोगों का रास्ता सुगम हो गया था। पुल बहने से दोनों जिले के सीमावर्ती गांवों के राहगीरों की करीब 50 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इस मार्ग से रोज आवागमन करने वाले विजेंद्र सिंह, कुुंवर शैलेंद्र सिंह, सुुुुभाष शाही, डॉ. एसके शाही, प्रशांत सिंह रंजन आदि ने कहा कि लोक निर्माण विभाग की लापरवाही से पुल बह गया। पुल को बनाने में भी मानक की धज्जियां उड़ाई गईं हैं। पुल के निर्माण से ही एप्रोच काफी कमजोर रहा है। उन्होंने पुल निर्माण में लापरवाही की एसडीएम से शिकायत की है। इस बाबत एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय ने कहा कि विभाग को तत्काल पुल ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं।