एकौना गांव के तीन सगे भाई, जो रतौंधी से ग्रस्त है
रतौधी की बीमारी एकौना के एक परिवार की लाचारी बन गई है। इस परिवार के तीन भाई 30 साल से रतौधी का दंश झेल रहे हैं। आसमान में बदली छाते ही इनके चेहरे पर मायूसी छा जाती, क्योकि अंधेरा उन्हें घर में कैद हो जाने को मजबूर कर देता।
एकौना गांव के रहने वाले रामकिशुन पांडेय के तीन बेटे धमेंद्र, नीरेंद्र और धीरेंद्र 30 वर्षों से रतौधी का दंश झेल रहे हैं। पांच से सात वर्ष की उम्र में तीनों भाईयों को रतौधी ने अपने चपेट में ले लिया। बीमारी की काफी दवा कराने के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ। 35 से 45 वर्ष के तीनों भाईयों का जीवन नर्क बन गया है। तीनों बेटों को लेकर बाप को चिंता बनी हुई है। कई निजी और सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ।
इलाज को धन नहीं होने से बड़े अस्पतालों में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। मंगलवार को तीनों भाई डीएम के पास इलाज के लिए सरकारी मदद मांगने पहुंचे। डीएम अनिता श्रीवास्तव तीनों भाईयो का हाल जानकर भाउक हो गई। उन्होंने तत्काल सीएमओ को तीनों भाईयों की आंख की जांच कराकर सरकारी खर्च से समुचित इलाज कराने का निर्देश दिया।