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Deoria News: धीमी है धान खरीद की गति, किसानों की हो रही दुर्गति

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धीमी है धान खरीद की गति, किसानों की हो रही दुर्गति
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दो माह में महज 26 प्रतिशत हो पाई धान की खरीद, किसानों के सामने सत्यापन की समस्या है बड़ी
क्रय केंद्रों की दूरी भी बन रही धान बेचने में समस्या का कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद में धान खरीद की स्थिति अधिकारियों की उदासीनता के चलते अच्छी नहीं है। अब तक पूरे जिले में लक्ष्य के सापेक्ष करीब दो माह में महज 26 प्रतिशत ही धान किसानों से खरीदा जा सका है। खरीद को बढ़ाने के लिए अधिकारी केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। सत्यापन की समस्या से केंद्र प्रभारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसेे में किसानों को भी भारी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं।
धान की खरीद के लिए जनपद में कुल 92 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें सदर में 10, रामपुर कारखाना में चार, तरकुलवा में चार, पथरदेवा में पांच, देसही देवरिया में 11, बैतालपुर में छह, गौरीबाजार में 10, रुद्रपुर में 13, बरहज तीन, भागलपुर में तीन, भलुअनी में छह, लार में सात, सलेमपुर में चार, भटनी में दो, भाटपाररानी में दो और बनकटा में दो क्रय केंद्र बनाए गए हैं। धान खरीद के लिए जनपद को 28 फरवरी तक 18 लाख क्विंटल का लक्ष्य मिला है।
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इसमें से अभी तक करीब दो माह में 8044 किसानों से करीब 4.45 लाख क्विंटल की खरीद ही हो पाई है। यह लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 26 प्रतिशत ही है। वहीं, क्रय केंद्रों पर सत्यापन को लेकर केंद्र प्रभारियों को दिक्कतें आ रही हैं। इससे धान की खरीद करने में असुविधा हो रही है।
वहीं, किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारियों की मनमानी के चलते धान बेचने में उन्हें परेशानी हो रही है। कई बार अपने चहेतों को समय से पहले ही धान बेचने के लिए बुला लिया जाता है। इससे लाइन में अपनी बारी की प्रतीक्षा करने वाले किसानों को परेशानी होती है। किसानों ने बताया कि क्रय केंद्र की दूरी भी समस्या उत्पन्न करती है।
केंद्र प्रभारियों की लापरवाही के कारण खरीद लक्ष्य को पूरा करना नामुमकिन लग रहा है। हाल ही में बैतालपुर के एक केंद्र प्रभारी को धीमी धान की खरीद करने पर डीएम ने निलंबित कर दिया था। धान की खरीद के लिए सरकार ने 2040 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मूल्य निर्धारित किया है। सत्यापन के चक्कर में फंसने के बाद किसान उसे निजी दुकानों पर 1400 से 1500 रुपये में बेचने के लिए मजबूूर हैं। इससे उनको काफी नुकसान हो रहा है।
सलेेमपुर कार्यालय के अनुसार सलेमपुर में कुल चार क्रय केंद्र हैं। इसमें मार्केटिंग शाखा अहिरौली लाला, साधन सहकारी समिति परसिया भगौती, पांडेयपुर व डुमवलिया को धान खरीद केंद्र बनाया गया है। सभी को मिलाकर 28 फरवरी तक 30 हजार क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य है। इसमें 62 किसानों से अभी तक अहिरौली धान खरीद केंद्र पर छह हजार क्विंटल, डूमवलिया में तीन हजार 82 क्विंटल, परसिया भगौती में चार हजार एक सौ 38 क्विंटल तथा पांडेयपार में 21 सौ क्विंटल धान की खरीद हुई है।
रुद्रपुर कार्यालय के अनुसार धान खरीदने के लिए सात सहकारी समितियां केंद्र बनाई गई हैं। इनमें डाला, पचलड़ी, नारायणपुर डहरौली, गाजीपुर, भैंसहीं, रामचक खोरमा और कृतिपुरा शामिल हैं। सभी सहकारी समितियों को दस-दस हजार क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य दिया गया था। एडीओ कोऑपरेटिव विशाल सिंह के अनुसार लक्ष्य के सापेक्ष करीब 35 प्रतिशत धान की खरीदारी हो गई है। बोरी पर्याप्त मात्रा में है। खरीदारी चल रही है।
उधर, भाटपाररानी कार्यालय के अनुसार क्षेत्र में बोरा के अभाव में धान खरीद बंद है। इससे किसान मजबूर होकर अपना धान औने-पौने दाम पर व्यापारियों को बेचने के लिए मजबूर हैं। क्षेत्र में चार सहकारी समितियां केंद्र बनाई गईं हैं। इनमें फुलवरिया, कोड़रा, भिंगारी बाजार और पिपरा बघेल में धान है।
कोट
धान बेचने के लिए अहिरौली लाला स्थित राजकीय गोदाम पर गया था, जहां मौजूद कर्मचारियों ने अगले दिन आने की बात कही। इसलिए धान को बिचौलियों को बेचना पड़ा।
-पृथ्वी नाथ पांडेय, बभनौली पांडेय, किसान
क्रय केंद्रों पर मनमानी के चलते वहां दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार केंद्रों की दूरी भी समस्या करती है। राजकीय गोदाम अहिरौली लाला क्रय केंद्र दूर होने के चलते धान बेचा नहीं गया है।
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-पुष्पराज यादव, भठवा पांडेय, किसान
कोट
पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक किसानों से धान की खरीद की गई है। मात्रा में करीब एक लाख क्विंटल की कमी आई है। सभी क्रय केंद्रों पर भरपूर मात्रा में बोरी उपलब्ध है।
-भीमाचंद गौतम, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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