रुद्रपुर/खुखंुदू। नगर सहित क्षेत्र में बिजली निगम कटौती पर लगाम नहीं लग पा रही। बृहस्पतिवार को अलग-अलग इलाकों में छह से आठ घंटे तक की बिजली कटौती से हाहाकार मचा रहा। नगर में हर घंटे तार टूटने से कट रही बिजली से लोग पसीने से तर बतर हो जा रहे।
उपकेंद्र पर तार टूटने की सूचना के बाद भी समय से समाधान नहीं किया जा रहा है। जिससे लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। रोस्टर कटौती के अलावा एक-एक घंटे में 10 से 25 बार ट्रिपिंग हो रही है।
नगर की करीब पचास हजार आबादी को जामुनी चौराह उपकेंद्र से सप्लाई दी जाती है। तार टूटने पर जोड़ने के लिए बिजली निगम के पास एक अदद तक स्काई लिफ्ट तक नहीं है।
ऐसे में तार टूटने पर बिजली बहाल करने के लिए नगर पंचायत प्रशासन से उधार का लिफ्ट लेना पड़ता है।
टूटते तार को जोड़ने के लिए बिजली निगम जगह-जगह चिप्पी रखा है। जर्जर तारों को डंडों के सहारे रख कर नगर में बिजली की सप्लाई दी जा रही है।
खजुहा चौराहे से बड़ी लोहसाई तक करीब 50 से अधिक जगह तार टूट चुका है। बुधवार को पूरे दिन तहसील फीडर और टाउन फीडर में मरम्मत के नाम पर करीब छह घंटे बिजली कटी रही। बृहस्पतिवार को भी दिन में पांच से छह घंटे जगह-जगह तार टूटने के कारण आपूर्ति बाधित रही। उपभोक्ता ओमप्रकाश, दीन दयाल गुप्ता, रविंद्र जायसवाल, मनोज भाटिया आदि ने कहा कि जर्जर तार होने के कारण ट्रिपिंग के कारण अक्सर बिजली कट जा रही।
बिजली निगम बिजल वसूल रहा, पर संसाधन नहीं बढ़ा रहा। एसडीओ चंदन कुमार ने कहा कि लोड बढ़ने पर ट्रिपिंग के कारण कभी कभी आपूर्ति बाधित हो जा रही। जिसको दुरुस्त कराया जा रहा है।
12 से 14 घंटे बिजली कटौती से मचा हाहाकार : खुखुंदू संवाद के अनुसार उमस भरी गर्मी में विद्युत कटौती से लोग परेशान है। इन दिनों यहां दिन रात मिलाकर 12-14 घंटे तक कटौती हो रही है। जिससे क्षेत्र में हाहाकार मचा हुआ है। उधर, निगम के जिम्मेदार इसे रोस्टिंग कटौती बता रहे है।
लोगों ने उच्चाधिकारियों से कटौती पर अंकुश लगाने की मांग की है। 132 ट्रांसमिशन सलेमपुर से विद्युत उपकेंद्र खुखुंदू की आपूर्ति होती है। यहां से बैदौली, नूनखार, गड़ेर और सोनबरसा फीडर से 10-12 कस्बों समेत ढाई सौ गांवों की आपूर्ति की जाती है।
बताया जा रहा है कि बीते दो-तीन दिन से रात में लगातार चार से पांच घंटे तक बिजली गुल रह रही है। निगम के कर्मचारियों से पूछने पर बताया जा रहा है कि रोस्टिंग कटौती हुई है। यही हाल दिन में भी रह रहा है।
बृहस्पतिवार की दोपहर में करीब बारह बजे गुल हुई बिजली एक ही बार शाम करीब साढ़े चार बजे आई। इसके अलावा दो घंटे तो कभी एक घंटे अलग से कटौती हो रही है। उधर, फाल्ट ठीक करने के नाम पर स्थानीय स्तर से अलग कटौती जारी है।
ऐसे में इन दिनों क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन में कटौती होने पर तो किसी तरह समय कट जा रहा है। मगर बारिश के मौसम में रात में लंबे समय तक कटौती से परेशानी उत्पन्न हो जा रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत घर के अंदर रह रही नई-नवेली दुल्हनों और बच्चों को हो रही है।
लोगों ने कटौती पर अंकुश लगाने की मांग की है। अवर अभियंता सोनू प्रसाद का कहना है कि रोस्टिंग कटौती से आपूर्ति लड़खड़ाईं है। स्थानीय स्तर से कटौती नहीं की जा रही है। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी कि बिजली कटाैती पर रोक नहीं लगाई कई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि रात की कटाैती बंद होनी चाहिए।