देवरिया। सीबीआई जांच में फंसे जिला अस्पतालों के अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर (माड्यूलर ओटी) का लाभ जल्द ही मरीजों को मिलने लगेगा। शासन ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। शासन की अनुमति के बाद कार्यदायी संस्था के अभियंताओं ने जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में छह साल से बंद पड़े ओटी का हाल जाना। अधूरे काम पूरे कराने के लिए सीएमएस से बात की ताकि यहां जल्द से जल्द ऑपरेशन शुरू किए जा सकें। इसके शुरू होने से गंभीर रोग से पीड़ितों को इलाज के लिए दूसरे शहरों तक की दौड़ नहीं लगानी होगी।
बसपा सरकार में हुए एनएचआरएम घोटाले की जद में देवरिया भी था। इस योजना के तहत प्रदेश के 43 जिलों के अस्पतालों में माड्यूलर ओटी बनाया जा रहा था। उस समय एक ऑपरेशन थिएटर के निर्माण के लिए 75 लाख रुपये में टेंडर किया गया था। देवरिया के जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में मॉड्यूलर ओटी का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया था। कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लि. (यूपीपीसीएल) और पैकफेड संस्था थी।
इसी बीच एनआरएचएम घोटाले का खुलासा हुआ और वर्ष 2012 में सीबीआई जांच शुरू हो गई। इसके चलते ओटी के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई। जांच के लिए देवरिया पहुंची सीबीआई टीम ने महिला अस्पताल और जिला अस्पताल की ओटी पर अपना ताला लगा दिया था। इसकी वजह से छह साल तक इसका निर्माण अधर में लटका था।
यूपीपीसीएल के सहायक अभियंता अपने कर्मचारियों के साथ शुक्रवार को देवरिया पहुंचे। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. छोटेलाल व महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. माला सिन्हा के साथ निर्माणाधीन ओटी का हाल जाना। इसे चालू कराने के लिए साफ-सफाई शुरू हो गई है। यूपीपीसीएल के सहायक अभियंता चंद्रजीत यादव ने बताया कि सीबीआई जांच की वजह से निर्माण कार्य जस का तस रुकवा दिया गया था। शासन से इसे चालू करने का निर्देश प्राप्त हो चुका है। निर्माण कार्य लगभग उसी समय पूर्ण हो गया था। लेकिन छह साल से बंद होने के कारण फिर मशक्कत करनी होगी। हालांकि अब इसे चालू कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।