देवरिया (सोनूघाट)। सदर कोतवाली क्षेत्र के आईटीआई के पास एक निजी अस्पताल में बुधवार को किशोर की हुई मौत के मामले में तीन सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार को अस्पताल की जांच की। टीम ने ओटी, जनरल और प्राइवेट वार्ड को सील कर दिया। टीम ने अस्पताल संचालक को जांच रिपोर्ट आने तक गंभीर मरीजों का इलाज करने से रोक दिया है।
भटनी क्षेत्र के हतवा मोहल्ला निवासी सागर बाल्मिकी पुत्र रणजीत बांसफोर को मंगलवार की रात आपसी कहासुनी में चाकू मारकर घायल कर दिया गया था। घायल सागर को परिजन भटनी पीएचसी ले गए, जहां स्थिति को गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया।
इलाज के दौरान घायल किशोर की हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसी बीच किसी की सलाह पर परिजन आईटीआई के पास एक निजी अस्पताल में इलाज कराने ले गए, जहां इलाज के दौरान किशोर की बुधवार को मौत हो गई। इसके बाद परिजन अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजन को समझा-बुझाकर शांत कराया।
बृहस्पतिवार को मामले को डीएम ने संज्ञान में लेते हुए सीएमओ को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इसके बाद एसीएमओ डॉ. अजीत कुमार और प्रशासन से नायब तहसीलदार शिवेंद्र कौडिन्य के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल की जांच की।
टीम ने अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर, जनरल वार्ड ओर प्राइवेट वार्ड को सील कर दिया। बताया जा रहा है जांच के समय किशोर का इलाज करने वाले डॉक्टर से भी टीम ने जानकारी ली। जांच के बाद टीम लौट आई। टीम अपनी रिपोर्ट डीएम को सौपेंगी।