बरियापुर में 26 नवंबर 2021 को आरोपी अरविंद ने राहुल व प्रभु दयाल से की थी मारपीट
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र कुमार की अदालत ने विवेचना में लापरवाही व साक्ष्यों को नजरअंदाज कर आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए अंतिम रिपोर्ट प्रेषित करने पर एसपी को विवेचक तत्कालीन थानाध्यक्ष बरियारपुर गोरखनाथ सरोज के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आदेश दिया है।
मामला बरियारपुर क्षेत्र का है। 26 नवंबर 2021 की शाम गुलाब यादव अपना ट्रैक्टर लेकर घर आ रहे थे कि गांव के ही अरविंद तिवारी आदि ने जबरन ट्रैक्टर जाने से मना कर दिया। गाली देते हुए कट्टा लेकर दौड़ा लिया और राहुल यादव को मारकर दांत व प्रभु दयाल के हाथ की हड्डी तोड़ दी थी। गुलाब यादव जब घटना की सूचना देने बरियारपुर थाने गए तो तत्कालीन थानाध्यक्ष ने उन्हें ही 151 में बंद कर दिया और उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद गुलाब ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया। इसकी विवेचना तत्कालीन थानाध्यक्ष गोरखनाथ सरोज ने की। उन्होंने लापरवाही बरतते हुए जल्दबाजी में विवेचना पूरी कर आरोपियों को लाभ पहुंचाते हुए मेडिकल रिपोर्ट को नजरअंदाज कर अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दी। इससे क्षुब्ध होकर वादी ने अंतिम रिपोर्ट निरस्त कराने के लिए प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र न्यायालय में दिया। प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पाया कि विवेचक का कृत्य पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में न केवल घोर लापरवाही का द्योतक है, बल्कि आरोपियों को बचाने के उद्देश्य से विवेचना की है। ऐसे में एसपी ऐसे लापरवाह विवेचक के विरुद्ध कार्रवाई करें।