कोरोना काल में बंद हो गया था रोडवेज बसों का संचालन, अब चलाने के लिए नहीं हो रहा प्रयास
पहले पटना, सिवान, गोपालगंज के लिए संचालित होती थी बसें
देवरिया। जिले से सटे बिहार प्रांत के सिवान, मैरवा, गोपालगंज, मीरगंज, हथुआ, थावे आदि जगहों के लिए रोडवेज की बसें नहीं चलते से यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। यात्रियों की इस मजबूरी का फायदा डग्गामार वाहन वाले उठा रहे हैं। धक्का-मुक्की सहते हुए लोग अपनी यात्रा को पूरा कर रहे हैं।
देवरिया डिपो से वर्तमान में निगम की 69 और 129 अनुंबंधित बसें संचालित हो रही हैं। दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, बस्ती, गोरखपुर के लिए हर रोज बसें आती-जाती हैं। जबकि जिले की सीमा से सटे गोपालगंज, पगरा, विजयीपुर, भाेरे, हथुआ, मीरगंज, थावे, सिवान, पटना आदि जगहों कोई बस संचालित नहीं की जा रही है। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज और निजी चिकित्सकों को दिखाने के लिए इन स्थानों से बड़ी संख्या में मरीज रोजाना आते हैं। नौकरीपेशा, व्यवसायी और खरीदारी करने वाले लोगों की भी बड़ी संख्या में आवाजाही होती है।
लेकिन रोडवेज की सीधी सेवा नहीं होने से उन्हें रोजाना परेशान होना पड़ता है। इन स्थानों के लिए जाने वाली प्राइवेट बसों में से कई फिटनेस के मानकों को पूरा नहीं करतीं। कुछ का बिना परमिट के ही बिना रोकटोक के संचालन किया जा रहा है। कोरोना काल के पूर्व तक बिहार प्रांत के सिवान, गोपालगंज व पटना के लिए बसें देवरिया डिपो से चलती थी। लेकिन अब सेवा दोबारा शुरू करने का प्रयास भी नहीं हो रहा।
भीखमपुर रोड से धड़ल्ले से चल रहीं डग्गामार बसें
पड़ोसी राज्य का सफर करने वाले यात्री बस पकड़ने के लिए भीखपुर रोड का रूख करते हैं। सोमवार की दोपहर 1.30 बजे भीखमपुर रोड में मीरगंज जाने के लिए बस संख्या यूपी 53बीटी5211 खड़ी थी। चालक बस स्टार्ट कर सवारी बैठा रहा था। ठीक दो बजे वह प्रस्थान कर गया, तो दूसरी बस संख्या बीआर 28बी 9635 आकर उसी स्थान पर आकर खड़ी हो गई। चालक ने बताया कि गोपालगंज से देवरिया 70 किमी पड़ता है और किराया 117 रुपये हैं। कुछ यात्रियों ने बताया कि भोरे, पगरा, विजयीपुर, हुसैनपुर, हथुआ, मीरगंज आदि जगहों के लिए यही से बसें मिलती हैं। इधर से आने व जाने वाले यात्रियों को प्राइवेट वाहन कब मिलेंगे, इसका समय पता है। इसी के अनुसार वह देवरिया में आकर अपना कामकाज निपटाकर नियत समय पर इन बसों से वापस जाते हैं।
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स्पीकअप
सिवान या गोपालगंज जाने के लिए भीखमपुर रोड से प्राइवेट बस मिलती है। रोडवेज की कोई बस यहां से नहीं चलती, जो सीमा तक जाती हैं, उससे कई बार बदलना पड़ता है। प्राइवेट वाले जब तक पूरी बस भर नहीं लेते, तब तक चलते नहीं। -मनोज गुप्ता, यात्री
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रोडवेज बस सीमावर्ती विजयीपुर, हथुआ, मीरगंज, थावे आदि जगहों से चलती तो यहां के यात्रियों को लाभ होता। देवरिया में मेडिकल कॉलेज होने से बिहार के भी लोग यहां दिखाने हर दिन आते हैं। जिम्मेदारों को यात्री हित में बसों को शुरू करना चाहिए। -राजाराम, यात्री
कोरोना काल के पूर्व तक बिहार प्रांत के सिवान, गोपालगंज व पटना के लिए बसें देवरिया डिपो से चलती थी। लेकिन इसके बाद आय न होने के चलते बंद कर दी गई। वहां के प्राइवेट वाहन संचालक भी मनमानी करते हैं। रोडवेज बसों के सामने अपने वाहन खड़े कर सवारी भरते हैं। मना करने पर मारपीट पर उतारु हो जाते थे। ऐसे में विवाद से बचने के लिए बसों का संचालन बंद कर दिया गया। -राकेश पति त्रिपाठी, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी, देवरिया डिपो