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जांच की भनक से खुल गई जंजीर

Sun, 03 Jun 2018 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
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देवरिया। बीमारी और भूत-प्रेत से निजात के लिए शहर से सटे पुरवा गांव में जुट भीड़ रविवार को नहीं दिखी। चंद लोग ही वहां दिखे। यही नहीं, जांच की भनक से बरामदे में बांध कर रखे गए युवक की तबीयत में सुधार का हवाला देकर जंजीरें भी खोल दी गईं। डीएम के निर्देश पर रविवार को यहां डॉक्टरों की टीम पहुंचनी थी। हालांकि अवकाश व मंत्री के कार्यक्रमों के चलते नहीं पहुंच सकी। सीएमओ ने चार जून को हर हाल में टीम भेजने की बात कही है। 
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गांव निवासी शिक्षक शिवकुमार यादव की पत्नी व पूर्व शिक्षा मित्र सुभद्रा देवी खुद पर देवी आने का दावा कर रही हैं। घर के पीछे मंदिरनुमा संरचना में पिछले डेढ़ साल से झाड़-फूंक का क्रम चल रहा है। अंधविश्वास से ग्रसित लोगों का यहां मेला लग रहा है। व्याधियों से पीड़ित बताकर कुछ लोग जंजीरों में बंाध कर रखे जाते हैं। दो दिन पहले अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद यहां भीड़ कम हुई है। मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम ने शनिवार की शाम जांच के निर्देश देते हुए सीएमओ को डॉक्टरों की टीम भेजने को भी कहा था। इस हलचल से ही नजारा बदल गया। सुभद्रा देवी के दरबार में पहुंचने वालों की भीड़ कम थी। पंडाल में गिनती के कुछ लोग थे, जो किसी अपरिचित पर नजर पड़ते ही इधर-उधर भागने लग रहे थे। शुक्रवार से बरामदे में बांधकर रखे गए युवक की जंजीरें भी खोल दी गई थीं। सीएमओ डॉ.धीरेंद्र कुमार ने बताया कि रविवार को अवकाश होने के चलते डॉक्टर की टीम गठित नहीं हो सकी। जिला अस्पताल में भी सिर्फ इमरजेंसी सेवा के डॉक्टर थे। सोमवार को हर हाल में टीम भेजी जाएगी। उधर, सदर कोतवाली प्रभारी प्रभातेष श्रीवास्तव का कहना था कि बांसपार बैदा में बीएसएफ जवान की शहादत के चलते वह पुरवा नहीं जा पाए। जल्द ही वहां पहुंचकर पड़ताल करेंगे। 
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