फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: बहू के गर्भवती होने के बाद ही सौतेले ससुर ने आशा से कर लिया था बच्चे का सौदा

Thu, 16 Nov 2023 11:07 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
विज्ञापन
हुआडीह थानाक्षेत्र के रामपुर दुबे गांव के पकड़िहवा टोला की पीड़िता अनोखी देवी को बेचा गया बच्चा
विज्ञापन
पैदा होने के बाद 1.35 लाख रुपये में आशा को बेच दिया था, बहू को बताया कि मर गया
विज्ञापन

आशा कार्यकर्ता के भाई के घर कुशीनगर से पुलिस ने बरामद किया बच्चा, मां को सौंपा
तीन आरोपी गए जेल, चार दिन की माथापच्ची के बाद पुलिस ने खोला राज, गांव वाले हैरान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। रामपुर दुबे गांव के पकड़िहवा टोला में नवजात के बेचने के मामले का पुलिस ने बृहस्पतिवार को खुलासा कर दिया। बताया कि अनोखी देवी जब गर्भवती हुई तभी उसके सौतेले ससुर ने बच्चे का सौदा आशा कार्यकर्ता से कर लिया था। पैदा होने के बाद 1.35 लाख रुपये में आशा को बेच दिया था।
पुलिस ने आशा कार्यकर्ता के भाई के घर कुशीनगर से बच्चे को बरामद करके अनोखी को सौंप दिया। मामले में केस दर्ज कर आशा, उसके भाई और अनोखी के सौतेले ससुर को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन

महुआडीह थानाक्षेत्र के रामपुर दुबे गांव के पकड़िहवा टोला की रहने वाली अनोखी देवी ने 25 सितंबर को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में बेटे को जन्म दिया। तीसरे दिन महिला को मेडिकल कॉलेज से छुट्टी मिल गई। घर पहुंचते ही अनोखी देवी से सौतेले ससुर विनोद गिरि ने नवजात को बीमार बताकर ले लिया। एक दिन बाद बहू ने सौतेले ससुर से बच्चे के बारे में पूछा तो उसने बताया कि मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। देवरिया के कुर्ना नाला में उसे दफना दिया है।
सौतेले ससुर की बात सुनकर अनोखी दुखी हो गई। इसके बाद मामले की जानकारी पंजाब के लुधियाना में काम करने वाले अपने पति चंदन को फोन पर दी। कुछ दिन बाद अनोखी अपने मायके चली गई। मायके में अनोखी को जानकारी हुई कि उसका बच्चा जिंदा है। सास और सौतेले ससुर ने गांव की आशा कार्यकर्ता रजांती देवी को रुपये लेकर बेच दिया है। बच्चे को बेचे जाने की जानकारी होने पर अनोखी का पति चंदन भी ससुराल पहुंच गया। अनोखी अपने पति और भाई के साथ गांव पहुंची। इस बार भी ससुर विनोद गिरि ने बच्चा बेचने से इन्कार कर दिया। चंदन और अनोखी ने उसकी पिटाई की तो उसने बच्चा बेचने की बात स्वीकार कर ली। अनोखी देवी ने 13 नवंबर को महुआडीह पुलिस को तहरीर देकर बच्चा दिलवाने की मांग की।
थाने में हुई पंचायत में आशा ने दावा किया कि बच्चा उसकी बहन ने उसे पालने के लिए दिया है। इसके बाद महुआडीह पुलिस टालमटोल करने लगी। एसपी तक मामला पहुंचा तो उन्होंने सीओ सिटी को जांच का निर्देश दिया। सीओ सिटी की जांच में बच्चा बेचने की पुष्टि हुई। पुलिस ने बच्चे को कुशीनगर जिले के पटहेरवा थाना क्षेत्र के बेलवारी पट्टी गांव के रहने वाले आशा के भाई हरेश चौरसिया के घर से बरामद कर लिया।
अनोखी की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर आशा कार्यकर्ता, सौतेले ससुर विनोद गिरि, आशा के भाई हरेश चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया। सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि कि केस दर्ज करके आरोपियों अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

अनोखी को 51वें दिन अपना बेटा मिला तो भर आईं आंखें
अनोखी को पुलिस की मदद से 51वें दिन उसके जिगर का टुकड़ा मिला तो वह फूले नहीं समा रही थी। उसकी आंखों में खुशी के आंसू भर आए। पति चंदन बोला कि यह हमारा पहला बच्चा है। इसकी मौत की खबर सुनकर दुखी हो गया था। जब जिंदा होने की बात पता चली तो लुधियाना से काम छोड़कर घर आ गया। उसने कहा कि ऐसे सौतेले पिता का मुंह देखना भी पाप है, जो चंद रुपये के लालच में अपने खून के रिश्ते को गैर समझकर बेच दिया। बच्चे को पाने के बाद अनोखी अपने मायके चली गई।

महुआडीह पुलिस की लापरवाही से नहीं टूटी अनोखी
थाने में फरियाद लेकर पहुंची अनोखी देवी को तहरीर देने के बाद दूसरे दिन उस समय बड़ी निराशा हुई जब महुआडीह पुलिस ने पल्ला झाड़ते हुए सदर कोतवाली का मामला बता दिया। उसकी आंखों के सामने उसके बच्चे को लेकर थाने आई आशा अपना बच्चा बताकर थाने से मुस्कुराते हुए चली गई। मगर अनोखी ने हार नहीं मानी। सदर कोतवाली से एसपी तक मामला पहुंच गया। चार दिन के उठापटक के बाद बृहस्पतिवार को अनोखी को अपना बेटा मिल गया।
विज्ञापन


-

चालाकी से आशा ने बदल दिया था बच्चा
13 नवंबर को तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने अगले दिन थाने में पंचायत की। थाने से घर जाने के बाद आशा अपने ससुर के हाथों अनोखी के बच्चे को कुशीनगर भाई के घर भिजवा दिया। वहां से भाई के बच्चे को पकड़िहवा मंगा लिया। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद बच्चे को उसके मायके से उसकी निशानदेही पर बरामद किया गया। साजिश के तहत गोद भरने का विधवा आशा कार्यकर्ता के सपने ने उसे हवालात तक पहुंचा दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें