देवरिया। बाबा राघवदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रायोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि एवं विज्ञान के क्षेत्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक तथा पद्मश्री से सम्मानित प्रो. रामचेत चौधरी ने कहा कि अथक अनुसंधान एवं निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप काला नमक चावल की विशिष्ट प्रजाति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली तथा उसे जीआई टैग प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि शोध और नवाचार ही किसी क्षेत्र की वास्तविक प्रगति का आधार होते हैं। उनके सौ से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. बीजी शाही ने कहा कि पूर्व में महाविद्यालय में परास्नातक स्तर की कक्षाएं संचालित नहीं होती थीं, लेकिन सतत प्रयासों से राज्यपाल की अनुमति प्राप्त कर कृषि विज्ञान संकाय में चार परास्नातक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए, जिससे शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला। विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त प्रो. डॉ. विनय कुमार रावत ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित पठन-पाठन, सुदृढ़ अकादमिक वातावरण पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रताप नारायण सिंह ने की। तकनीकी सत्र में बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर पेटेंट एंड डिजाइन विभाग नई दिल्ली के एग्जामिनर डॉ. जागृति ग्रोवर, गोरखपुर विश्वविद्यालय के रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेल के निदेशक प्रो. दिनेश यादव व वनस्पति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. रामवन्त गुप्ता, एमएयूटी के रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश यादव ने व्याख्यान प्रस्तुत किए। कार्यक्रम को प्रो. कृष्ण कुमार ओझा, डॉ. अरविंद यादव, संयोजक डॉ. अवधेश यादव, आयोजन सचिव डॉ. ओम प्रकाश यादव, सह-सचिव डॉ. रोहित कुशवाहा, डॉ. अनिल कुमार आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर छात्र अमरनाथ यादव, शिवकुमार पटेल, सुधीर, रोहन, प्रशांत, तनुश्री, लारेब, अंकिता, श्रेया, अंजनी, यास्मीन, खुशी, अनुष्का, रितिक, अमन, महेंद्र, देवांश, अतुल, अनुकृति आदि उपस्थित रहे।