पुलिस की जांच में आरोपियों का नाम एक गैंग से जुड़ने के बाद खलबली
टोल प्रबंधक ने टोल पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की उठाई थी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। हेतिमपुर टोल प्लाजा पर हुए विवाद में केस दर्ज होने के बाद शनिवार की देर रात पुलिस ने एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। केस दर्ज होने की जानकारी के बाद आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए हैं। टोल पर लगे सीसीटीवी के अलावा पास के और भी मकानों व दुकानों में लगे कैमरे की फुटेज को पुलिस खंगाल रही है। आरोपियों के करीबियों और संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
महुआडीह थानाक्षेत्र के हेतिमपुर टोल प्लाजा पर बृहस्पतिवार की देर रात हुए विवाद में केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवाद में शामिल हाटा कोतवाली क्षेत्र के पिपरही गांव के नामजद आरोपी ऋतिक सिंह को शनिवार की देर रात गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए हैं। पुलिस की जांच में विवाद में शामिल आरोपियों का संबंध एक चर्चित गैंग से उजागर होने की जानकारी सामने आते ही पुलिस के लिए अब उनकी तलाश और मुश्किल हो गई है।
पुलिस की बढ़ी सक्रियता को देखकर गैंग का मुखिया अपने गुर्गों के साथ भूमिगत हो गया है। संरक्षण दे रहे सफेदपोश भी अब कतराने लगे हैं। हेतिमपुर देवरिया मोड़ पर देर रात को अक्सर जमे रहने वाले इस गैंग के सदस्य अब दिखाई नहीं दे रहे हैं।
टोल प्रबंधक ने की थी पुलिसकर्मियों के तैनाती की मांग
हेतिमपुर टोल प्रबंधक ऋषिकेश सिंह ने बताया कि विवाद होने से कुछ दिन पहले उन्होंने एसओ से टोल प्लाजा पर हर दिन शाम को कुछ घंटों के लिए पुलिसकर्मी की तैनाती किए जाने की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया।
पहले टोल पर लगती थी पिकेट
हेतिमपुर टोल प्लाजा पर पहले पुलिसकर्मियों की पिकेट विशेषकर शाम को कुछ घंटों के लिए लगाई जाती थी। जानकारी के अनुसार, तत्कालीन एसपी डाॅ. रोहन पी कनय ने कुछ शिकायतों के बाद पिकेट को हटाकर शाम को गश्त बढ़ा दी। हेतिमपुर चौकी की पुलिस शाम को हेतिमपुर कस्बा, देवरिया और टोल आदि प्वाइंट पर गश्त करती है।
हेतिमपुर पुलिस चौकी पर आठ पुलिसकर्मियों की है तैनाती
हेतिमपुर पुलिस चौकी पर चौकी प्रभारी के अलावा कुल आठ पुलिसकर्मियों की तैनाती है। चौकी से टोल प्लाजा की दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर है। विवाद होने की सूचना पर पुलिस को पहुंचने में बहुत कम समय लगता है, लेकिन शाम को वहां तैनाती होती तो तथाकथित अराजकतत्व अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होते। आए दिन हो रहे विवाद से निजात मिलती।
खाई में पलटी ट्रैक्टर-ट्राली संवाद
खाई में पलटी ट्रैक्टर-ट्राली संवाद
खाई में पलटी ट्रैक्टर-ट्राली संवाद