तरकुलवा। थाना क्षेत्र के ग्राम बरवा सेमरा में बृहस्पतिवार की सुबह फंदे से लटकता युवक का शव मिला था। दोपहर 2:30 बजे के करीब पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर पहुंचा तो परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने शव को दरवाजे पर रखकर अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। वे मृतक के दो भाइयों पर माता-पिता को धोखे में रखकर पुस्तैनी जमीन व घर अपने नाम लिखवा लेने का आरोप लगा रहे थे। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद परिजनों को समझा-बुझाकर कर अंतिम संस्कार के लिए राजी किया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी के अनुसार, बरवा सेमरा गांव निवासी रवींद्र यादव के तीन बेटे शिवशंकर यादव, बबलू यादव व रामाज्ञा यादव हैं। बताते हैं कि बड़ा बेटा शिवशंकर व छोटा बेटा रामाज्ञा कुछ दिन पूर्व माता-पिता को बहला-फुसलाकर पुस्तैनी जमीन व घर अपने नाम से बैनामा करा लिए थे। इसको लेकर मझला बेटा बबलू यादव परेशान रहता था। बुधवार को उसका पत्नी सीमा से कुछ वाद-विवाद हुआ। उसके बाद पत्नी किसी रिश्तेदारी में चली गई। बृहस्पतिवार सुबह बबलू का शव कमरे में फंदे से लटकता मिला। मृतक की पत्नी सीमा ने आरोप लगाया कि पुश्तैनी जमीन व घर को ससुर से उनके जेठ और देवर ने धोखे से अपने नाम लिखवा लिया है। इसके बाद से ही उसके पति की मानसिक स्थिति तनावपूर्ण रहती थी, अंततः उन्होंने अपनी जान दे दी। अब उनकी बेटी खुशी यादव (15), बेटे अमनोल ,(10) व आंसू (8) का भरण-पोषण कैसे होगा।
उसने प्रशासन से पति के हिस्से की पैतृक जमीन व घर को वापस दिलाने तथा जेठ व देवर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। इसके बाद अंतिम संस्कार की बात कही।