डीएम अबरार अहमद की मौजूदगी वाले तहसील दिवस में मंगलवार को उनके मातहत अधिकारी पूरे समय टाइम पास करते नजर आए। तहसील दिवस में जिले से आए अधिकारी फरियादियों की समस्याओं को सुनने की बजाय मोबाइल पर फेसबुक और व्हाट्स एप अपडेट करते रहे। मोबाइल पर व्यस्त एक अधिकारी को डीएम को टोकना भी पड़ा। सूखा और ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों की राहत राशि नहीं बंटने की शिकायत लेकर दर्जनों किसान पहुंचे। डीएम ने 24 घंटे में राहत राशि किसानों के बैंक खाते में भेजने का निर्देश दिया।
चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद रुद्रपुर में आयोजित डीएम अबरार अहमद की उपस्थिति वाला पहला तहसील दिवस रश्म अदायगी साबित हुआ। 30 फरियादियों ने शिकायत दर्ज कराई। इनमें से एक भी मामले का मौके पर निस्तारण नहीं हो पाया। इससे पहले के 19 मामले लंबित पाए गए। तहसील दिवस पर आए मामलों के निस्तारण में शिथिलता को लेकर डीएम ने नाराजगी जताई। इस अवसर पर अधिकतर मामले सूखा राहत के चेक से संबंधित रहे। रुद्रपुर में सूखा और ओलावृष्टि का हजारों किसानों को राहत राशि नहीं मिल पाई है। खाता नंबर और नाम में गड़बड़ी का मामला छह माह से दूर नहीं हो पा रहा है। डीएम ने राहत से संबंधित सभी मामलों को 24 घंटे में निस्तारित करने का निर्देश दिया। तहसील दिवस पर शिकायतों के निस्तारण के दौरान मोबाइल पर व्यस्त अधिकारियों को डीएम ने कड़ी चेतावनी दी। इस अवसर पर एसपी मोहम्मद इमरान, सीडीओ राजेश कुमार त्यागी, एसडीएम घनश्याम, सीओ एनके सिंह, बीएसए राजीव यादव, एनटी डॉ संजीव कुमार दीक्षित आदि मौजूद रहे।