विभागों की समीक्षा बैठक करते विधान परिषद संसदीय अध्ययन समिति के सदस्य। स्रोत-सोशल मीडिया
देवरिया। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति ने विकास भवन के गांधी सभागार में शनिवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें देवरिया के साथ-साथ कुशीनगर के भी अफसर मौजूद रहे। बैठक में विभागीय योजनाओं, प्रगति और आवेदनों के निस्तारण की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान समिति ने जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर की गई कार्रवाई के बारे में लिखित रूप में जनप्रतिनिधियों अवगत कराने का निर्देश अफसरों को दिया। जिसे डीएम ने पूर्णरूप से लागू करने का भरोसा दिया।
समिति के सभापति किरण पाल कश्यप और सदस्य हंसराज विश्वकर्मा ने अधिकारियों का परिचय प्राप्त किया। इसके बाद सरकार के गठन से अब तक जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रेषित पत्रों पर विभागवार की गई कार्रवाई की गहन समीक्षा की गई। पुलिस, राजस्व, चिकित्सा, पंचायती राज, सिंचाई, बेसिक शिक्षा, बिजली, कृषि, पूर्ति, पशुपालन, चकबंदी सहित विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्रवाई के बारे में समिति ने जानकारी ली। समिति ने अपनी समीक्षा में पाया कि जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर कार्रवाई करने के बाद इसकी जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधियों को नहीं दी जा रही है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया। सभापति किरण पाल कश्यप ने जोर देकर कहा कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई से जनप्रतिनिधियों को अवश्य लिखित रूप में अवगत कराएं।
उन्होंने यह भी कहा कि अगली बैठक में सभी विभाग वर्ष 2022 से 2025 की अवधि में प्राप्त जनप्रतिनिधियों के पत्रों की संख्या, उनके निस्तारण की प्रगति और सदस्यों को अवगत कराने की स्थिति पर पूरी जानकारी के साथ ही बैठक में आएं। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने समिति को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन, मुख्य विकास अधिकारी प्रत्यूष पाण्डेय, अनु सचिव एवं समिति अधिकारी विनोद कुमार यादव, अपर निजी सचिव अमितेश पाल आदि उपस्थित रहे।