अल्लाह की राह में हुई कुर्बानी, घरों में पढ़ी गई ईद-उल-अजहा की नमाज
देवरिया। जिले में बुधवार को बकरीद का त्योहार पूरी अकीदत के साथ मनाया गया। विभिन्न ईदगाह और मस्जिदों समेत घरों में ईद उल अजहा की नमाज पढ़ी गई। कोरोना प्रोटोकॉल के चलते लगातार दूसरे साल अकीदतमंदों ने नमाज के बाद गले मिलने से परहेज किया। नमाज अदा करने के बाद अल्लाह की राह में कुर्बानी का दौर शुरू हुआ।
नमाज के दौरान देश में अमन चैन और खुशहाली की दुआ मांगी गई। कोरोना गाइड लाइन साए में दूसरे साल भी बकरीद की नमाज विभिन्न मस्जिदों-ईदगाहों और घर-घर में अकीदत के साथ अदा हुई। मुस्लिम समुदाय के लिए ईद उल अजहा दूसरा सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। शहर के मालवीय रोड स्थित अंजुमन ईदगाह में पेश इमाम ने सदर मोहम्मद जलालुद्दीन खान और अफसर जमाल चिश्ती समेत पांच लोगों को नमाज अदा कराया। सरकार ने कोरोना प्रोटोकॉल के तहत नमाज पढ़ने की अनुमति दी थी। जिले के सभी पेश इमाम ने नमाज के बाद गले न मिलने और हाथ न मिलाने की ताकीद की। रामपुर कारखाना बड़ी मस्जिद के पेश इमाम हाफिज मोहम्मद इरफान खान ने कहा कि बकरीद में कुर्बानी करना हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है। मालवीय रोड स्थित अंजुमन ईदगाह में नमाज के दौरान सपा नेता मोहम्मद आजम खान की सेहत के लिए दुआ मांगी गई। शहर के तहसील रोड जामा मस्जिद अबूबकर नगर, छोटी मस्जिद, मदीना मस्जिद, कुर्ना नाला मस्जिद, बांस देवरिया में नमाज पढ़ी गई। रामपुर कारखाना बड़ी मस्जिद, जामा ईदगाह, मदीना मस्जिद, मस्जिद अक्सा, बौली मस्जिद समेत लोगों ने घर में भी नमाज अदा किया। सलेमपुर, शामपुर उर्फ देवरिया, नवलपुर, लार, चकमुकाम अली, औरंगाबाद, बरहज, रुद्रपुर, भाटपाररानी, भटनी, देसही देवरिया, बरवा मीरछापर बैजनाथपुर, देवरिया बुद्धू खां, कौलाछापर, पकड़ी वीरभद्र, डुमरी, गौरा, शामपुर, सामी पट्टी, विशुनपुर उर्फ चिरकिहवा में अकीदत के साथ नमाज अदा हुई।
प्रोटोकॉल का पालन कराने को मुस्तैद रही पुलिस
प्रदेश सरकार ने बकरीद के मौके पर मस्जिद और ईदगाह में एक साथ महज 50 लोगों के नमाज पढ़ने की अनुमति दी थी। लेकिन जिले में इसके ठीक उलट महज पांच लोगों को नमाज पढ़ने की अनुमति थी। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए शहर से लगायत जिले के विभिन्न थानों में पुलिसकर्मी मुस्लिम बहुल इलाकों में सुबह से ही दौड़ लगाते रहे थे। एक दिन पहले ही अपने क्षेत्र के मस्जिद और ईदगाह पर बीट सिपाहियों ने पांच लोगों के नमाज पढ़ने की जानकारी पेश इमाम और इंतजाम कर्ता को दे दिया था। इसका पालन कराने के लिए पुलिसकर्मी अपने अपने क्षेत्र की मस्जिदों और ईदगाह पर सुबह 6 बजे से ही पहुंचने शुरू हो गए। हालांकि जिले समेत ग्रामीण क्षेत्र में मस्जिदों और ईदगाह में कई शिफ्ट में नमाज पढ़ ली गई। कुर्बानी के बाद मांस को आसपास के घरों में भी बांटा गया। पर्व के मौके पर मुस्लिम घरों में लजीज व्यंजन भी बनाए गए थे। घर आने वाले मेहमानों को सेवई छोला सहित अन्य पकवान भी आवभगत के साथ खिलाया गया।