जिले को मिले तीन और पोषण पुनर्वास केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद के कुपोषित बच्चों की सेहत बनाने के लिए तीन और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) की सौगात मिली है। केंद्र में पांच-पांच बेड की सुविधा प्रदान की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी। यहां कुपोषित बच्चों को भर्ती कर इलाज के साथ पौष्टिक आहार दिए जाएंगे।
जनपद में कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। इसे देखते हुए शासन की ओर से पोषण पुनर्वास केंद्र बढ़ाए जा रहे हैं। जिससे कुपोषित बच्चों को सुपोषित किया जा सके। सबसे पहले 2017 में जिला अस्पताल परिसर में पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना की गई थी। इसके बाद भी ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ते देख स्वास्थ्य विभाग द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पथरदेवा, रुद्रपुर और पिपराधौला कदम में पांच-पांच बेड के पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना कराई जा रही है। इन अस्पतालों के पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों के लिए सुविधायुक्त कक्ष का निर्माण कराया जा रहा है, जो दस से पंद्रह दिन में तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद कुपोषित बच्चों को यहां भर्ती कर इलाज किया जाएगा। बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को भी ठहरने की उत्तम व्यवस्था की जा रही है। इसके बाद बच्चों को सुपोषित करने के लिए लगातार 14 दिन तक भर्ती कर निशुल्क पौष्टिक भोजन चिकित्सकों के निर्देशन में दिया जाएगा। कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को प्रतिदिन के हिसाब से डेढ़ सौ रुपये मानदेय भी दिया जाता है।
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जिले में 43 हजार बच्चे हैं कुपोषित
डीपीओ कृष्णकांत राय ने बताया जून माह में आंगनबाड़ी केंद्रों पर आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा स्क्रीनिंग की गई। अब तक आयु के आधार पर अति कुपोषित 6124, कुपोषित 24959 बच्चे और लंबाई और ऊंचाई के आधार पर 1942 सैम बच्चे, 10253 मैम बच्चे पाए गए हैं।
जनपद में कुपोषित बच्चों की संख्या को देखते हुए तीन एनआरसी स्थापित की जा रही है। इसके तहत सीएचसी पथरदेवा, रुद्रपुर व पिपरा धौला कदम में पांच-पांच बेड का पोषण पुनर्वास केंद्र जल्द तैयार हो जाएंगे। इसके बाद कुपोषित बच्चों को भर्ती उनका इलाज किया जाएगा और पौष्टिक आहार दिया जाएगा।
डॉ. आलोक पांडेय
सीएमओ