मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे होगी ब्लड की जांच
सेंट्रल पैथालॉजी में दिन व रात होगा कार्य, इमरजेंसी व वार्ड के मरीजों की हर समय होगी जांच
मरीजों को नहीं लगानी पड़ेगी लंबी लाइन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज के ब्लड की जांच के लिए मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। सेंट्रल पैथालॉजी में 15 अगस्त से चौबीस घंटे मरीजों के खून की जांच की जाएगी। इससे इमरजेंसी में आने वाले तथा वार्ड में भर्ती मरीजों की जांच हर समय हो सकेगी। वहीं, मरीजों की सुविधा के लिए ब्लड कलेक्शन सेंटर भी बढ़ाए जाएंगे। इससे मरीजों व गर्भवती को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। यह व्यवस्था शुरू होने पर मरीजों को काफी सहूलियत होगी।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा बिहार प्रांत के सीमावर्ती गांवों के औसतन 1300 लोग इलाज कराने आते हैं। यहां ओपीडी में चिकित्सक मरीजों को खून की जांच कराने को लिखते हैं। अस्पताल में स्थापित सेंट्रल पैथालॉजी में जांच की व्यवस्था है। जांच सुबह आठ से रात आठ बजे तक होती है। इसके पास रजिस्ट्रेशन व ब्लड कलेक्शन होता है। यहां हर रोज औसतन तीन सौ मरीजों की जांच होती है।
ओपीडी से पैथालॉजी रजिस्ट्रेशन व ब्लड कलेक्शन दूरी पांच सौ मीटर से अधिक है। इससे मरीजों व गर्भवती को पैथालॉजी तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, एक काउंटर होने के कारण लंबी कतार में खड़े होकर मरीज को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसी काउंटर से रजिस्ट्रेशन और रिपोर्ट देने का दोनों कार्य होता है। ऐसे में मरीजों व तीमारदारों को दिक्कत होती है।
इस समस्या को देखते हुए अब 24 घंटे सेंट्रल पैथालॉजी खुली रहेगी। इससे ओपीडी के अलावा इमरजेंसी व वार्ड के मरीजों को राहत होगी।
पुरुष व महिला ओपीडी में होगा रजिस्ट्रेशन, लिए जाएंगे ब्लड के नमूने
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में ब्लड जांच कराने में मरीजों की सहूलियत के लिए योजना बनाई गई है। ओपीडी में ही उनके ब्लड के सैंपल लिए जाएंगे। इसके लिए दोनों जगह अलग-अलग रजिस्ट्रेशन काउंटर और ब्लड कलेक्शन सेंटर होगा। एक महिला अस्पताल के एमसीएच विंग के प्रथम तल तथा दूसरा रिसेप्शन के पास होगा। इससे पुरुष और महिला ओपीडी के मरीजों को लंबी दूरी नहीं करनी पड़ेगी। न कतार में खड़े होकर घंटों इंतजार करना पड़ेगा। इसके लिए काउंटर बढ़ाए जाएंगे।
कोट
सेंट्रल पैथालॉजी 15 अगस्त से चौबीस घंटे कार्य करेेगी। रजिस्ट्रेशन और ब्लड कलेक्शन सेंटर महिला व पुरुष ओपीडी में अलग-अलग होंगे। सेंटर पर काउंटर बढ़ाए जाएंगे। वहीं से मरीजों को आसानी से रिपोर्ट भी उपलब्ध हो जाएगी। वार्ड तथा इमरजेंसी के मरीजों के लिए हर समय जांच की सुविधा होगी। इसके लिए कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
-डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, प्राचार्य, महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज