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मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई आंखों की जांच

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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल परिसर स्थित सेन्ट्रल पैथालॉजी में जांच करते स्वास्थ्यकर्म? - फोटो : DEORIA
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मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई आंखों की जांच
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नेत्र परीक्षण अधिकारी के नहीं होने से ठप थी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में नेत्र परीक्षण अधिकारी की तैनाती न होने से तकरीबन 27 दिन से जांच ठप थी। दूर-दराज से आने वालों मरीजों के चश्मा की जांच नहीं हो पा रही थी। इससे उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा था। इस समस्या को लेकर अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद कॉलेज प्रशासन सक्रिय हुआ। बृहस्पतिवार से चश्मा के पॉवर की जांच शुरू कर दी गई।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में हर रोज तकरीबन ढाई सौ मरीजों का इलाज होता है। यहां वरिष्ठ नेत्र सर्जन प्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. एसके सिंह, डॉ. कन्हैया प्रसाद व एक एसआर की तैनाती है। मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, माइग्रेन के अलावा सिर दर्द, आंख दर्द व कम दिखाई देने के मरीज आते हैं। इसमें सभी के दृष्टि की जांच तथा जरूरत के मुताबिक चश्मा के लिए जांच कराने के लिए लिखा गया, लेकिन जांच ठप थी।
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इसे लेकर अमर उजाला ने 20 जुलाई के अंक में पृष्ठ संख्या दो पर मेडिकल कॉलेज में आंखों की जांच ठप होने से भटक रहे मरीज शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसे मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने गंभीरता से लिया और बृहस्पतिवार से जांच शुरू कराई। इससे मरीजों को राहत मिली हैं। जांच कक्ष के बाहर भीड़ लग गई। ऑप्टोमेटिस्ट ने 189 लोगों के विजन व रिफलेक्शन जांच की।
कोट
नेत्र विभाग में नेत्र परीक्षण अधिकारी की चयन प्रक्रिया चल रही है। जल्द पूरी हो जाएगी। वैकल्पिक इंतजाम कर जांच कराई जा रही है।
-डॉ. एचके मिश्रा, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक
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