ईओ को नोटिस जारी कर मांगा स्पष्टीकरण
जल-नल योजना के तहत टेस्टिंग में पाइप फटने का मामला
एडीएम प्रशासन ने स्पष्टीकरण के लिए दी तीन दिन की मोहलत
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। जल-नल योजना के तहत करोड़ों की लागत से नगर में बने ओवर हेड टैंक की टेस्टिंग दौरान पाइप फट जाने के बाद पानी से सराबोर हुईं सड़कों का मामला अखबार में प्रकाशित हुआ था। इस खबर के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। एडीएम प्रशासन ने ईओ पंकज कुमार से पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है।
सलेमपुर नगर पंचायत में वर्ष 2004 में जल निगम ने करोड़ों खर्च कर शुद्ध पानी के लिए ओवरहेढ टैंक बनाया था। उसके बाद निगम ने आधा-अधूरा काम कर नगर पंचायत को हैंडओवर कर दिया। नगरवासियों की मांग के बाद कुछ दिन पूर्व नगर पंचायत ने आनन-फानन करीब 40 लाख का टेंडर कर एक बार पुन: अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछानी शुरू की। वह भी दोयम दर्जे की निकली।
नतीजतन, बिछाने के साथ ही कहीं पाइप लाइन फट गई, तो कहीं सुचारु रूप से जलापूर्ति करने के लिए दो पाइपों को आपस में जोड़ा ही नहीं जा सका है। ओवरहेड टैंक के निर्माण में भी मानकों की अनदेखी की गई। पाइप के फटने से घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। पानी सड़क पर या फिर नाली में बह रहा है। इसको लेकर मुहल्ले के लोगों ने ऑनलाइन व ऑफलाइन शिकायत जिला प्रशासन से की है।
इसे पूरे प्रकरण को जब अमर उजाला ने रविवार के अंक में प्रकाशित किया तो अधिकारियों के कान खड़े हो गए। इस मामले में एडीएम प्रशासन गौरव श्रीवास्तव ने ईओ पंकज कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर आख्या मांगी है।
इस मामले में एडीएम प्रशासन ने बताया कि घटिया निर्माण की जानकारी होने के बाद नगर पंचायत के ईओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध रिकवरी के साथ अन्य कार्रवाई की जाएगी।